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नहीं बनना चाहती थी इंजीनियर, IIT-JEE पास करने के बाद भी दी जान

आईआईटी की तैयारी के लिए मशहूर कोटा शहर में स्टूडेंट लगातार आत्महत्या कर रहे हैं। गुरुवार को एक 17 साल की छात्रा ने छत से कूदकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि छात्रा इंजिनियरिंग में अपना करियर नहीं बनना चाहती थी।

kota- India TV Hindi
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नई दिल्ली: आईआईटी की तैयारी के लिए मशहूर कोटा शहर में स्टूडेंट लगातार आत्महत्या कर रहे हैं। गुरुवार को एक 17 साल की छात्रा ने छत से कूदकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि छात्रा इंजिनियरिंग में अपना करियर नहीं बनना चाहती थी। आईआईटी एंट्रेंस पास करने के बावजूद छात्रा ने खुदकुशी कर ली। छात्रा गाजियाबाद की रहने वाली थी।

कोटा के जवाहर नगर थाना क्षेत्र में छात्रा ने पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक कृति त्रिपाठी (17) अपने परिवार के साथ इंद्र विहार स्थित एक अपार्टमेंट में दो साल से किराए पर रह रही थी। पुलिस ने पांच पेज का सुसाइड नोट बरामद किया है। इन दिनों छात्रा के माता-पिता भी कोटा आये हुए थे।

सूत्रों के अनुसार बुधवार को आईआईटी मेंस का रिजल्ट आने के बाद छात्रा की उसके पिता के साथ कुछ बहस हुई। पुलिस का कहना है कि छात्रा इंजिनियरिंग को अपना करियर नहीं बनना चाहती थी इसको लेकर ही बाप बेटी में बहस हुई।

छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखा है कि उसकी मां ने उसे साइंस स्ट्रीम दिलवाया था, लेकिन फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ जैसे विषयों में उसकी कोई रुचि नहीं थी। उन्होंने बताया कि छात्रा ने आईआईटी-जेईई की परीक्षा में 144 अंक हासिल किए जो कि सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित कट अफ अंक 100 से काफी अधिक है।

पुलिस के मुताबिक अपार्टमेंट के नीचे गिरी छात्रा को पड़ोसी तुरंत एक निजी अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोटा में परीक्षा में कम नंबर आने या अवसाद में छात्रों की आत्महत्या करने का यह पहला मामला नहीं है।

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