नई दिल्ली: निवेशकों से धोखाधड़ी के मामले में तिहाड़ जेल में बंद सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय की पैरोल अवधि बढ़ाकर 11 जुलाई कर दी गई है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि वो सेबी को 200 करोड़ रुपए जमा करा सकें। गौरतलब है कि सुब्रत रॉय को सुप्रीम कोर्ट ने मां के अंतिम संस्कार के लिए 6 मई को 4 हफ्तों की पैरोल दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने रॉय और सहारा समूह के निदेशक अशोक रॉय चौधरी से इस बारे में व्यक्तिगत हलफनामा दायर करने को कहा कि वे इस प्रयास में गंभीर हैं। SC ने कहा कि यदि वे 11 जुलाई तक सेबी को 200 करोड़ रुपए जमा करने में विफल रहते हैं तो उन्हें समर्पण करना होगा और वापस तिहाड़ जेल जाना होगा। न्यायालय के आदेश के मुताबिक वे छह मई के आदेश के अनुसार संपत्तियों के प्रत्याशित क्रेताओं से मिलने और देश में पुलिस सुरक्षा में घूमने को स्वतंत्र हैं।
6 मई को पैरोल पर छूटे से रॉय:
निवेशकों से धोखाधड़ी के मामले में तिहाड़ जेल में बंद सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय को सर्वोच्च न्यायालय ने छह मई को चार हफ्ते के पैरोल पर रिहा किया था। राय को पैरोल अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए मिला हुआ है।
प्रधान न्यायाधीश टी. एस. ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने पैरोल देते हुए कहा था कि इन चार हफ्तों के दौरान राय के साथ सादे कपड़े में पुलिसवाले रहेंगे। अदालत ने राय के दामाद अशोक राय चौधरी को भी चार हफ्ते के पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया।
आपको बता दें कि राय दो साल से जेल में हैं। उनकी दो कंपनियों, सहारा इंडिया रियल एस्टेट कारपोरेशन और सहारा हाउसिंग इंवेस्टमेंट कारपोरेशन लिमिटेड ने 2008 और 2009 में लोगों का पैसा जमा किया था। शीर्ष अदालत ने यह पैसा निवेशकों को लौटाने का आदेश दिया जिसमें राय नाकाम रहे और जेल पहुंच गए।
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