नई दिल्ली: सहारा ग्रुप के चीफ सुब्रत रॉय ने तिहाड़ जेल में सालभर तक अपना ‘मिनी ऑफिस’ चलाने के लिए जेल अथॉरिटी को 1.23 करोड़ रुपए चुकाए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुब्रत रॉय ने जेल के अंदर वाई-फाई, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, लैपटॉप जैसी फैसिलिटी ली थी। रॉय ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी कि इन्वेस्टर्स का पैसा लौटाने के लिए उन्हें अपनी प्रॉपर्टी बेचनी है। इसके लिए उन्हें अपने ग्रुप के अफसरों से मीटिंग्स करने और क्लाइंट्स से बातचीत करने की जरूरत है। रॉय पहली बार बीते अगस्त में 10 दिनों के लिए स्पेशल यूनिट में शिफ्ट हुए थे। रॉय को 12 नवंबर को नॉर्मल सेल में भेजकर स्पेशल सर्विसेज को खत्म कर दिया गया।
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, ‘सहारा ग्रुप ने कॉन्फ्रेंस रूम का इस्तेमाल करने के लिए अब तक तिहाड़ जेल अथॉरिटी को 1,23,70,000 रुपए दिए। इसमें सिक्युरिटी, इलेक्ट्रसिटी, रखरखाव, रेंट और फूड-वाटर फैसिलिटी के पैसे शामिल हैं। ग्रुप को अभी और 7.5 लाख रुपए देने हैं।''
तिहाड़ में क्या फैसिलिटी मिली?
रॉय को तिहाड़ जेल में न्हें दो लैपटॉप, दो डेस्कटॉप, लैंडलाइन फोन्स, एक मोबाइल फोन भी इस्तेमाल करने दिया गया। उन्हें एक स्टेनोग्राफर और कुछ असिस्टेंट भी रखने दिए गए जो सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक रॉय की मदद करते थे।
क्यों जेल में हैं सुब्रत रॉय?
सहारा चीफ सुब्रत रॉय l4 मार्च 2014 से जेल में हैं। सहारा पर आरोप है कि उन्होंने इन्वेस्टर्स के 24 हजार करोड़ रुपए नहीं लौटाए हैं। 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार सहारा ग्रुप को इन्वेस्टर्स के पैसे लौटाने को कहा था। लेकिन शर्तें पूरी नहीं कर पाने की वजह से रॉय अभी भी जेल में हैं।
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