नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने गुरुवार को कहा कि भारत का संविधान देश की सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक प्रगति का औजार है और इसका न्यायसंगत प्रयोग देश के विकास की गति और दिशा को तय करेगा।
संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती के मौके पर हो रहे कार्यक्रमों के तहत 'संविधान के प्रति प्रतिबद्धता' विषय पर लोकसभा की विशेष बैठक में महाजन ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आम सहमति का बहुत महत्व होता है।
महाजन ने कहा, "इसके लिए, निर्वाचित प्रतिनिधियों को एक-दूसरे से बात करते हुए लोगों की समस्याओं के निवारण के लिए मिल कर काम करना होगा।" उन्होंने कहा, "संविधान द्वारा स्थापित सिद्धांत और मूल्य हमारे जीवंत लोकतंत्र की प्राण वायु हैं।"
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि संविधान इतना लचीला है कि इसमें वक्त की जरूरत के हिसाब से बदलाव हो सके, लेकिन इसकी बुनियादी बातें अपरिवर्तनीय हैं।
महाजन ने कहा, "मूल अधिकारों पर ध्यान देने के साथ, संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर देता है।" उन्होंने कहा कि निजी अधिकार भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने कि सामुदायिक अधिकार।
उन्होंने कहा कि हमारा संविधान सभी समुदायों को जाति, धर्म, पंथ, भाषा के किसी भेदभाव के बिना शांतिपूर्ण सहअस्तित्व और प्रगति के अवसर देता है।
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