नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के तीन निकायों के कर्मचारियों की हड़ताल खत्म करने सम्बंधी निर्देश जारी करने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया। नगर निगम निकायों के कर्मचारियों द्वारा जारी हड़ताल को समाप्त कराने और दिल्ली को कूड़ा का ढेर बनने से रोकने की दिशा में कदम उठाने के लिए यह याचिका दायर की गई थी। मुख्य न्यायाधीश टी.एस.ठाकुर की अध्यक्षता में सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ ने कहा, "उच्च न्यायालय का रुख कीजिए।"
याचिकाकर्ता राहुल बिड़ला के वकील ने अदालत को बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने नगर निगम निकायों को कोई भी निर्देश दिए बिना सुनवाई स्थगित खत्म कर दी। मुख्य न्यायाधीश ठाकुर ने याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ता के वकील से कहा, "आप इस तरह की याचिकाएं क्यों दायर करते हैं। उच्च न्यायालय जाइए।"
इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पत्रकार सम्मेलन कर दोनों एमसीडी को 693 करोड़ देने की बात कहते हुए हड़ताल खत्म करने की अपील की लेकिन कर्मचारियों ने इसे ठुकरा दिया है। यूनियन के नेता आरबी ऊंटवाल ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि केजरीवाल बेवकूफ बना रहे हैं, सफाई कर्मचारी हड़ताल वापस नहीं लेंगे। कर्मचारियों को एरियर और कैशलेस मेडिक्लेम चाहिए।
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र पर हड़ताल को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने एमसीडी में घोटाले का अरोप लगाते हुए जांच की मांग की। मुख्यमंत्री ने हड़ताल खत्म करने के लिए दोनों एमसीडी को 693 देने की बात कही जिसमें 142 करोड़ तुरंत और 550 करोड़ देने का ऐलान किया ।
Latest India News