कन्हैया की जमानत पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
जेएनयू छात्र कन्हैया कुमार को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने कन्हैया कुमार की जमानत याचिका सुनने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस स्टेज पर यहां सुनवाई नहीं कर सकते हैं।

नई दिल्ली: जेएनयू छात्र कन्हैया कुमार को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने कन्हैया कुमार की जमानत याचिका सुनने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस स्टेज पर यहां सुनवाई नहीं कर सकते हैं। हालांकि कोर्ट ने कन्हैया को हाईकोर्ट जाने की छूट दी है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका लंबित रहेगी। 28 वर्षीय छात्र नेता कन्हैया को गत 12 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। अफजल गुरु को वर्ष 2013 में दी गई फांसी के तीन दिन पूर्व जेएनयू में आयोजित एक कार्यक्रम में उन पर राष्ट्रविरोधी नारे लगाने का आरोप है। अफजल गुरु कश्मीरी आतंकी था और वर्ष 2001 में भारतीय संसद पर हुए आतंकी हमले की साजिश में शामिल था। कन्हैया ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व व्याख्याता एसएआर गिलानी ने भी भारतीय प्रेस क्लब में इसी तरह की बैठक की थी। गिरफ्तार गिलानी को गुरुवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिलानी और कुमार दोनों तिहाड़ जेल में रहेंगे। कन्हैया भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी यानी (सीपीआई) के छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईएसएफ) के पहले नेता हैं जो जेएनयू के अध्यक्ष बने हैं। कन्हैया को कांग्रेस, वाम दल और दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी का समर्थन प्राप्त है। इन दलों ने इस सख्त कार्रवाई पर सरकार की निंदा की है। कांग्रेस उपाध्यक्ष और राहुल गांधी और पार्टी के अन्य नेताओं ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से कहा है कि भारतीय जनता पार्टी छात्र समुदाय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दोषपूर्ण व निर्जीव विचारधारा थोपना चाहती है। गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि संस्थानों को बर्बाद करना सरकार का काम नहीं है। छात्रों की कल्पना शक्ति से ही देश समृद्ध होगा। उन पर विचारधारा थोपने से देश को लाभ नहीं होगा।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि देशद्रोह के आरोप में कुमार की गिरफ्तारी और सोमवार व मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट में जो हिंसा का माहौल दिखा उससे भारत के बारे में खराब संकेत गया और देश की वैश्विक छवि खराब हुई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात की और पटियाला हाउस कोर्ट में हुई हिंसा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने हिंसा को शांत कराने की कोशिश नहीं की जैसे उसे इसके लिए निर्देश नहीं दिया गया था। दिल्ली के पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने इस बात से इनकार किया है कि बुधवार को अदालत में कन्हैया पर हमला हुआ था। उन्होंने कन्हैया पर लगे देशद्रोह के आरोप को जायज ठहराया और कहा कि पुलिस के पास इसे साबित करने के लिए सुबूत है। बस्सी ने सीएनएन-आईबीएन को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि बोलने की आजादी का मतलब यह नहीं है कि आप संविधान का उल्लंघन करें।
माकपा ने कहा कि राष्ट्रद्रोह के आरोप में छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी अलगाववादी अफजल गुरु की फांसी की बरसी पर हुए विरोध प्रदर्शन की जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया है। कन्हैया को रिहा कराने के लिए गुरुवार को दिल्ली में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से हजारों छात्रों ने प्रदर्शन किया। उनके साथ कई शिक्षक, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता और थियेटर के कलाकार भी शामिल थे। पटना में इसी तरह के प्रदर्शन के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन और आरएसएस की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बीच भिडं़त हो गई। पश्चिम बंगाल के जादवपुर में भी कन्हैया के समर्थन में छात्रों ने प्रदर्शन किया। इसी तरह बेंगलुरु में प्रदर्शन हुआ है।