नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है, मध्य प्रदेश के राज्यपाल ने विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने का जो फैसला किया था, सुप्रीम कोर्ट ने उसे सही ठहराया है। कांग्रेस पार्टी ने राज्यपाल के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट याचिका दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई और सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस पार्टी की याचिका को खारिज कर दिया। मध्य प्रदेश में अब शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, पहले मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की सरकार थी।
मार्च में मध्य प्रदेश में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला, कांग्रेस पार्टी को छोड़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक कई कांग्रेस पार्टी के कई विधायकों ने बगावत की और प्रदेश को छोड़ कर्नाटक चले गए। विधायकों ने त्यागपत्र दे दिया जिसकी वजह से कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई और राज्यपाल ने विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के लिए कहा, हालांकि विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से पहले ही कमलनाथ ने त्यागपत्र दे दिया और उसके बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी और शिवराज चौहान एक बार फिर से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
राज्यपाल के फ्लोर टेस्ट के आदेश के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसपर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया और कोर्ट ने कांग्रेस पार्टी की याचिका को खारिज कर दिया।
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