1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. उत्तराखंड में लागू रहेगा राष्ट्रपति शासन, SC ने हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक

उत्तराखंड में लागू रहेगा राष्ट्रपति शासन, SC ने हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन हटाने का आदेश दिया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को

supreme court- India TV Hindi
supreme court

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन हटाने का आदेश दिया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हरीश रावत को भी नोटिस भेजा है। एटॉनी जनरल ने इस मामले में सरकार का पक्ष रखते हुए कोर्ट में कहा कि राष्ट्रपति शासन पर रोक हटाने का आदेश तबतक स्थगित कर देना चाहिए, जबतक हमें हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं मिलती। केंद्र सरकार ने लिखित आदेश के बगैर उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट की बैठक पर आपत्ति जतायी। उत्तराखंड सरकार ने इस बैठक में 11 अहम फैसले लिये थे।

एटॉनी जनरल मुकुल रोहतगी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, ‘दोनों पक्षों को सुनकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला लिया है कि अभी वहां राष्ट्रपति शासन रहेगा।’ उत्तराखंड हाईकोर्ट का लिखित आदेश 26 तारीख तक सभी पार्टी को दिया जायेगा। इसके बाद इस मामले पर 27 अप्रैल को सुनवाई होगी। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति शिव कीर्ति सिंह की पीठ ने संक्षिप्त आदेश जारी करने से पहले अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी की ओर से दिये गये हलफनामे को रिकॉर्ड किया कि भारतीय संघ सुनवाई की अगली तारीख तक राष्ट्रपति शासन की घोषणा को रद्द नहीं करेगा।

शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि वह उच्च न्यायालय के फैसले को दोनों पक्षों के लिए संतुलन बनाने के कदम के तौर पर सुनवाई की अगली तारीख 27 अप्रैल तक स्थगित कर रही है क्योंकि फैसले की प्रति दोनों पक्षों को उपलब्ध नहीं हुई हैं। पीठ ने मामले को 27 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय कल दिये आदेश को 26 अप्रैल तक पक्षों को देगा और उसी दिन फैसले की प्रति शीर्ष अदालत में भी रखी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के स्थगन से कल उच्च न्यायालय के फैसले से हुई हरीश रावत की कांग्रेस नीत सरकार की बहाली निष्प्रभावी हो जाएगी। सुनवाई के दौरान पीठ ने यह भी कहा कि उचित तो यह होगा कि उच्च न्यायालय फैसले पर दस्तखत कर दे तभी उक्त अपील पर विचार किया जाना सही होगा।

Latest India News