नई दिल्ली: रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने पश्चिमी दिल्ली के शकूरबस्ती इलाके में शनिवार को अतिक्रमण के खिलाफ चलाई मुहिम में झुग्गी बस्ती को तोड़ने के दौरान हुई बच्ची की मौत के मामले को गलत बताया। उन्होंने सोमवार को कहा कि बच्ची की मौत अभियान शुरू होने से काफी पहले हो गई थी।
रेल मंत्री ने लोकसभा में कहा, "बच्ची की मौत अतिक्रमण के खिलाफ अभियान की शुरुआत से काफी समय पहले हो गई थी।" उन्होंने कहा, "कई बार नोटिस दिए जाने के बाद भी लोगों ने जगह को खाली नहीं किया था। यह पूरा अभियान शांतिपूर्ण था और यह आधी रात को नहीं चलाया गया था।"
रेल मंत्री ने कहा कि वह अतिक्रमण के मुद्दे पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आमंत्रित करेंगे। रेलवे ने अतिक्रमण के खिलाफ चलाए इस अभियान में शनिवार को 500 से अधिक झुग्गियों को तोड़ दिया, जिस दौरान 6 माह की एक बच्ची की जान चली गई, जबकि सैकड़ों लोग सर्दी के इस मौसम में बेघर हो गए। दिल्ली सरकार ने इस अभियान और इस दौरान हुए हादसे के लिए केंद्र सरकार और रेलवे को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे 'अमानवीय' करार दिया।
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