मुंबई: देश में रोजगार के मौकों की नयी लहर के बीच कर्मचारियों के अगले एक साल में नौकरी बदलने की संभावना अधिक हैं। यह बात एक सर्वेक्षण में कही गई।
माइकेल पेज इंडिया की कर्मचारी आकांक्षा रपट, 2015 में कहा गया कि करीब 73 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने स्वीकार किया कि वे पिछले 12 महीनों में साक्षात्कार के लिए गए।
उन्होंने कहा करीब 82 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे अगले 12 महीनों में भूमिका बदल सकते हैं।
कर्मचारियों के नौकरी छोड़कर जाने की रफ्तार से कर्मचरियों की आकांक्षाएं बढ़ी हैं और ज्यादातर कर्मचारी अपनी भूमिका में बदलाव के इच्छुक हैं और 26 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं की इसमें रचि दिखी।
रिर्पोट में कहा गया कि ज्यादातर भारतीय अपेक्षाकृत अधिक समय तक काम करते हैं और 34 प्रतिशत ने कहा कि वे हर सप्ताह 51 घंटे से अधिक काम करते हैं।
रिर्पोट के मुताबिक भारत के प्रतिभाशाली कर्मचारियों में, निश्चित तौर पर अपार संभावनाएं हैं। बाजार फिलहाल अपने महत्वपूर्ण स्तर पर है और कंपनियां अपने अच्छे कर्मचारियों को रोकने के लिए रणनीति बनाते हुए जमीनी हकीकत पर ध्यान देंगी।
माइकेल पेज इंडिया के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक सेबेस्टियन हैंपार्टजुमियन ने कहा हमें ऐसे रझान दिख रहे हैं जिसमें कंपनियां कर्मचरियों को भारी-भरकम वेतन और अन्य फायदे देने पर गौर करेंगी।
यह रपट भारत में 300 से अधिक कर्मचरियों के सर्वेक्षण और हजारों पेशेवरों से बातचीत से मिली जानकारी पर आधारित है।
इस सर्वेर्क्षण से स्पष्ट है कि भारतीय कंपनियां विविधता के एजेंडे को आगे बढ़ाने के मामले में पीछे हैं क्योंकि 42 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने संकेत दिया कि उन्हें अपनी कंपनी की विविधता नीति के बारे में पता नहीं है।
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