पंचतत्व में विलीन हुईं पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का दिल्ली के एम्स अस्पताल में मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

नई दिल्ली: भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का राजधानी नई दिल्ली को लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनको अंतिम विदाई देने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित तमाम बड़े नेता शवदाह गृह पहुंचे। इससे पहले उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए भाजपा कार्यालय ले जाया गया।
आपको बता दें कि मंगलवार रात दिल का दौरा पड़ने के चलते एम्स में उनका निधन हो गया था। वे 67 वर्ष की थीं। वह काफी समय से बीमार चल रही थी। उनका कुछ समय पहले किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। सुषमा स्वराज के निधन के बाद देशभर में शौक की लहर है। कल रात से ही सुषमा स्वराज के घर पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए देश दुनिया की बड़ी हस्तियां पहुंच रही हैं।
आज सुबह मायावती उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंची। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और उप राष्ट्रपति वैंकैया नायडू भी स्वराज को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सुबह करीब 10 बजे प्रधानमंत्री भी सुषमा स्वराज के घर पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सुषमा स्वराज का जन्म हरियाणा के अम्बाला कैंट में 14 फरवरी, 1953 को हुआ था। उनके पिता आरएसएस के प्रमुख सदस्य थे। अम्बाला छावनी के एस.एस.डी. कॉलेज से बी.ए. करने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ से कानून में डिग्री ली। 1973 में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपनी प्रैक्टिस शुरू की जबकि उनका राजनीतिक करियर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के साथ शुरू हुआ था। वे अपने छात्र जीवन से ही प्रखर वक्ता हैं।
Live updates : Sushma Swaraj passes away Live Updates
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August 07, 2019 5:10 PM (IST)
भारत में जापान के राजदूत केनजी हीरामत्सु ने कहा, “मुझे भारत की पूर्व विदेशमंत्री सुषमा स्वराज के आकस्मिक निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ है। मैं जापान सरकार और जापान के लोगों की तरफ से शोक संतप्त परिवार और भारत के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं।”
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August 07, 2019 4:45 PM (IST)
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August 07, 2019 4:34 PM (IST)
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August 07, 2019 4:32 PM (IST)
राजकीय सम्मान के साथ पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का अंतिम संस्कार।
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August 07, 2019 4:20 PM (IST)
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August 07, 2019 3:54 PM (IST)
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August 07, 2019 3:54 PM (IST)
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को अंतिम विदाई देने के लिए लोधी रोड स्थित शवदाह पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भूतपूर्व पीएम टीशेरिंग तोबगे।
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August 07, 2019 3:46 PM (IST)
लोधी रोड शवदाह गृह पहुंचा सुषमा स्वराज का पार्थिव शरीर।
Image Source : ptiलोधी रोड पहुंचा सुषमा स्वराज का पार्थिव शरीर -
August 07, 2019 3:44 PM (IST)
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August 07, 2019 3:20 PM (IST)
सुषमा स्वराज के पार्थिव शरीर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल सहित कई नेताओं ने दिया कंधा।
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August 07, 2019 12:48 PM (IST)
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August 07, 2019 12:48 PM (IST)
Sushma Swaraj
भारत में इस्राइल के राजदूत रॉन माल्का ने सुषमा स्वराज को दी श्रद्धांजलि
भारत में इस्राइल के राजदूत रॉन माल्का ने सुषमा स्वराज को दी श्रद्धांजलि दी है। रॉन माल्का ने कहा कि मैं इस्राइल के लोगों की ओर से सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि देता हूं। वे इस्राइल की एक अच्छी दोस्त थीं। उन्होंने भारत-इस्राइल के रिश्तों में मजबूती लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
सुषमा स्वराज हर रक्षाबंधन पर मुझे राखी बांधती थीं बांधती थीं: उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू
सुषमा स्वराज केे अंंतिम दर्शन केे लिए पहुंंचेे राहुल गांधी
लालकृष्ण आडवाणी ने किया सुषमा स्वराज को याद, कहा- 'कभी नहीं भूलती थीं बर्थडे पर केक लाना'
सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि देने उनके घर पहुंंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि देने पहुंचे
दिल्ली सरकार ने दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर दिल्ली सरकार ने दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान दिल्ली में कोई भी सांस्कृतिक समारोह आयोजित नहीं होगा। हालांकि सरकार के अन्य सभी कार्य और कार्यक्रम, जिसमें इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आज आयोजित आंगनवाड़ी कार्यक्रम शामि है। यह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आयोजित होगा।
कुछ देर में सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
रशीद अल्वी, नजमा हेपतुल्लाह, राम नाईक समेत अन्य नेताओं ने सुषमा स्वराज का निधन पर शोक व्यक्त किया
BSP अध्यक्ष मायावती ने सुषमा स्वराज के घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
BSP अध्यक्ष मायावती ने सुषमा स्वराज के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि "उनके निधन पर हमारी पार्टी को और व्यक्तिगत तौर पर मुझे काफी दुख है। उनके व्यक्तित्व के बारे में सभी परिचित हैं कि उनकी पार्टी में कैसे भी उतार-चढ़ाव आए, वह अपनी पार्टी के लिए समर्पित रहीं। वह मेहनती और कुशल पॉलिटिशियन थीं।"
पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की पार्थिव देह बुधवार को तीन घंटे के लिए भाजपा मुख्यालय में रखी जाएगी, जहां पार्टी कार्यकर्ता और नेता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में किया जाएगा।
साध्वी निरंजन ज्योति ने सुषमा स्वराज के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ट्वीटर पर लिखा कि "आदरणीय सुषमा स्वराज जी के निधन की ख़बर हृदय को अत्यंत वेदना प्रदान करने वाली है, उनका विदेश मंत्री के रूप में कार्यकाल अद्वितीय था। यह हम सभी के लिए अपूर्णिय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें, अश्रुपूर्ण श्रद्धांजली अर्पित।"
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सुषमा स्वराज के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि देश के लोग उनके योगदान को लंबे वक्त तक याद रखेंगे।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत ने कहा कि 'सुषमा स्वराज जी के निधन से देश ने एक सबका प्यार अर्जित करने वाला नेता खो दिया है।'
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने सुषमा के निधन पर दुख जाहिर किया। करजई ने कहा कि बहनजी सुषमा के जाने से गहरा आघात पहुंचा है।
ओम बिड़ला ने कहा कि 'वह राजनेता होते हुये भी मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखती थीं. मैं शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।'
लोकसभा के सभापति ओम बिड़ला ने सुषमा स्वराज के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा, एक सांसद के तौर पर सुषमा जी ने देश में नए प्रतिमान स्थापित किए। पक्ष-विपक्ष दोनों में ही उन्होंने सदैव देशहित को आगे रखा। सुषमा जी की पुण्य स्मृति को नमन।
सुबह 11 बजे धवलदीप बिल्डिंग में सुषमा स्वराज का पार्थिव शरीर रखा जाएगा। फिर इसके बाद 12 से तीन बजे तक बीजेपी दफ्तर में अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर रखा जाएगा। वहीं, लोधी रोड पर शवदाह गृह में दोपहर तीन बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
दोपहर तीन बजे राजकीय सम्मान के साथ सुषमा स्वराज का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अनुराग ठाकुर, बाबुल सुप्रियो और मनोज तिवारी ने सुषमा स्वराज के घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने कहा कि "मेरी अच्छी दोस्त सुषमा स्वराज के निधन की खबर सुनकर गहरा शोक पहुंचा।"
अफगानिस्तान ने सुषमा स्वराज के निधन पर दुख जताया और श्रद्धांजलि दी।
केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद सुषमा स्वराज के निधन पर बात करते हुए भावुक हो गए। उन्होनें कहा कि "जब मैं आज संसद से वापस आया, तो मैंने उसके ट्वीट को देखा (स्वराज ने धारा 370 पर ट्वीट किया- "मैं अपने जीवनकाल में इस दिन को देखने के लिए इंतजार कर रही थी"), और फिर खबर आई कि वह अब और नहीं है।" शब्द नहीं हैं।"
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि श्रीमती सुषमा स्वराज के निधन की जानकारी से गहरा सदमा लगा। इस खबर को स्वीकार करना मुश्किल है। विदेश मंत्रालय और पूरा देश शोक मना रहा है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि श्रीमती सुषमा स्वराज के निधन के बारे में सुनकर बहुत धक्का लगा। देश ने एक बहुत ही प्रिय नेता को खो दिया है जिसने सार्वजनिक जीवन में गरिमा, साहस और अखंडता का प्रतीक बनाया है। हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहती थी। वह भारत के लोगों के लिए अपनी सेवा के लिए हमेशा याद की जाएंगी।
भाजपा सांसद सनी देओल ने सुषमा स्वराज के निधन पर कहा कि सुषमा स्वराज जी के निधन पर मेरी हार्दिक संवेदना। वह हमारे देश के बेहतरीन नेताओं में से एक थी। वह हमारे लिए विशेष थी और हम उन्हे हमेशा याद करेंगे। उनके परिवार और दोस्तों को संवेदनाएं।
गौतम गंभीर ने ट्वीट कर कहा कि मैं श्रीमती के निधन से दुखी हूं। सुषमा स्वराज एक अनुभवी राजनेता और भाजपा की स्तंभ थीं, उन्हें सभी से प्यार था। उनको सबसे प्रिय और मददगार राजनेताओं के रूप में याद किया जाएंगे। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदना। एक बड़ा नुकसान।
सुषमा स्वराज के निधन पर प्रधानमंत्री ने भी शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने उनके निधन पर ट्वीट करते हुए लिखा कि सुषमा जी का निधन एक व्यक्तिगत क्षति है। उसे भारत की हर चीज के लिए याद किया जाएगा। मेरे विचार उनके परिवार, समर्थकों और प्रशंसकों के साथ इस बेहद दुर्भाग्यपूर्ण समय में हैं। शांति।
मैं उस तरीके को नहीं भूल सकता जिस तरह से सुषमा जी ने पिछले 5 वर्षों में विदेश मंत्री के रूप में अथक परिश्रम किया था। यहां तक कि जब उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं था, तब भी वह अपने काम के साथ न्याय करने के लिए हर संभव कोशिश करती थी और अपने मंत्रालय के मामलों के साथ बनी रहती थी। भावना और प्रतिबद्धता अद्वितीय थी।
सुषमा जी एक विपुल वक्ता और उत्कृष्ट सांसद थीं। उन्हें पार्टी लाइनों में सराहा और सम्मानित किया गया। जब वह भाजपा की विचारधारा और हितों के मामलों की बात करती थी तो वह इस मामले में कोई समझौता नही करती थी और उसकी वृद्धि में उनका बहुत योगदान था।