नई दिल्ली: प्रेम की मिसाल कहे जाने वाला ताज महल पर अब प्रदूषण का खतरा मंडराने लगा है जो इसकी खूबसूरती को लगातार कम कर रहे हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि ताजमहल के पास से निकलने वाली यमुना में रहने वाले कीड़े ताज महल के अंदर घुस रहे हैं। जो कि ताज महल के अंदर हरे और काले रंग के अपने अवशेष थोड़ रहे हैं। इससे पहले भी ताज महल पर खतरा मंडराते आया है। कभी प्रदूषण तो कभी श्मशान घाट का खतरा।
आइए जानते है किन-किन चीजों से ताज महल को भविष्य में खतरा पहुंच सकता है।
1. डीके जोशी जो कि एक पर्यावरणविद हैं उनका कहना है कि चुरोनोमस कैलिग्राफस नाम का कीड़ा ताज महल को हरा करने के लिए जिम्मेदार है। और यह सब प्रदूषित यमुना नदी के कारण हो रहा है।
2. ताज महल ना केवल भारत के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है बल्कि विदेशियों के लिए भी यह पर्यटन की अच्छी जगह है। लेकिन ताजमहल के आस-पास बनी फैक्ट्रियां और तेल रिफाइनरी फैक्ट्री के कारण इसके सफेद संगमरमर की मीनार पीली पड़ती जा रही है। और इस गंदगी को निकालने के लिए इमारत पर मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाया जा रहा है। "मुल्तानी मिट्टी को पानी में मिलाकर लेप तैयार किया जाता है और फिर इसे दीवारों पर लगाया जाता है। इस लेप को 24 घंटों या उससे अधिक समय के लिए सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है ताकि वह पत्थर से सारी गंदगी सोख ले।"
3. साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने ताज महल के पास स्थित श्मशान घाट को हटाने का आदेश दिया था। क्योंकि श्मशाम घाट में चिता में जलने वाली लकड़ियों के धुंए से इमारत पर प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा था।
4. जनवरी 2001 में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के ताज को उड़ाने की धमकी के बाद इसकी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। इसी प्रकार साल 2015 में अल-कायदा ने ताज महल पर हमले करने की धमकी दी थी जिसके बाद से ताज महल की सुरक्षा को और भी बढ़ा दिया गया है।
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