सेलम (तमिलनाडु): तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने राज्य में सख्त लॉकडाउन लागू करने की योजना से इनकार करते हुए शुक्रवार को कहा कि इस संबंध में अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने ऐसे संदेश देखे हैं जो मेरे नाम से व्हाट्सएप पर फैलाए जा रहे हैं। हमने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। सरकार की ऐसी कोई योजना (सख्त लॉकडाउन लागू करने की) नहीं है।’’ सिंचाई सुविधा के लिए मेत्तुर बांध के गेट खोलने के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि फर्जी संदेश फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पलानीस्वामी का बयान ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर कयास लगाए जा रहे थे कि राज्य में कोविड-19 के मामले और मौतों के बढ़ने के मद्देनजर सरकार सख्त लॉकडाउन की घोषणा कर सकती है। तमिलनाडु में 12 जून तक कोविड-19 के 40,698 मामले आ चुके हैं जिनमें से करीब 28,000 अकेले चेन्नई शहर में हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने शुक्रवार को मद्रास उच्च न्यायालय को भी सूचित किया कि चेन्नई सहित राज्य के किसी भी इलाके में सख्त लॉकडाउन लागू करने की कोई योजना नहीं है। पलानीस्वामी ने कहा कि चेन्नई में आबादी का उच्च घनत्व संक्रमण बढ़ने का कारण है। उन्होंने कहा, ‘‘ चेन्नई में कम से कम 87 लाख लोग रहते हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ हमारें यहां पांच या छह फीट पतली गलियां हैं और सात से आठ लोग एक ही घर में रहते हैं। संक्रमण बढ़ने का यह कारण है।’’ सुरक्षा निर्देशों के अनुपालन के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग अब भी स्थिति की गंभीरता को समझ नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ यह दुखद है कि जब मैं यहां आ रहा था तो रास्ते में लोगों को मास्क के बिना बाहर घूमते हुए देखा।’’ पलानीस्वामी ने लोगों से अपील की कि वे सरकार के सुरक्षा निर्देशों का अनुपालन करें और कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य द्वारा की गई पहल में सहयोग करें। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि चिकित्सा पेशेवर लोगों की जिंदगी बचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ विपक्ष संक्रमण को लेकर गलत सूचना फैला रहा है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार ने कोविड-19 मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज के लिए केंद्र द्वारा तय दर से भी कम किया है। कोरोना वायरस के संक्रमण पर नियंत्रण स्थापित करने के बाद स्कूलों को खोलने के सवाल पर पलानीस्वामी ने कहा, ‘‘ स्कूलों को दोबारा खोलने को लेकर सभी फैसला इस वायरस पर नियंत्रण स्थापित करने के बाद ही लिया जाएगा।’’ उल्लेखनीय है कि मेत्तुरर बांध ने शुक्रवार को तीन हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे पहले 2011 में इस बांध से पानी छोड़ा गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रमबद्ध तरीके से पानी छोड़ने के स्तर को 10 हजार क्यूसेक किया जाएगा।
Latest India News