बेंगलुरू: एक कार द्वारा एक महिला को कुचलने के बाद गलत पहचान के मामले में भीड़ ने तंजानिया की एक महिला की कथित रूप से पिटाई की और उसके कपड़े फाड़ दिये। इसके तुरंत बाद इस पूर्वी एशियाई देश के अधिकारियों ने यह मामला भारत सरकार के सामने उठाया। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, हम शर्मनाक घटना से बहुत दुखी हैं और उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से बात करके उनसे दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
बेंगलुरू के आफ अफ्रीकन स्टूडेंट्स यूनियन के अनुसार, रविवार की रात दुर्घटनास्थल पर पहुंचने पर भीड़ ने कार रोकी और अपने तीन दोस्तों के साथ गाड़ी में बैठी 21 वर्षीय तंजानियाई महिला को कार से बाहर निकाला गया। यह महिला बैचलर आफ बिजनेस मैनेजमेंट की पढाई कर रही है। यूनियन के विधि सलाहकार बोस्को कावीसी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि भीड़ के एक वर्ग ने उसके कपड़े फाड़ दिये और महिला द्वारा धीमी रफ्तार से चलती कार से उसे बाहर खींचा गया। तीन अन्य की भी पिटाई की गई।
नयी दिल्ली में आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि तंजानिया के उच्चायोग ने इस कथित घटना के बारे में विदेश मंत्रालय को नोट भेजा है और उनसे दोषियों के खिलाफ जरूरी कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया। सुषमा ने कहा कि सिद्धरमैया ने उन्हें जानकारी दी कि एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है और चार आरोपियों की गिरफ्तार हुई है। बेंगलुरू पुलिस के अनुसार, तंजानियाई लड़की ने शिकायत आज ही दी है जबकि यह घटना रविवार की है। उन्होंने कहा कि बहुत देर पहले हुए हादसे से इन लोगों का कोई लेना देना नहीं है। उन्हांेने आरोप लगाया कि पुलिस के पास जाने पर उसने भी कोई खासी मदद नहीं की।
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