नई दिल्ली: केंद्र सरकार में वित्त मंत्री अरुण जेटली का आज जन्मदिन है। आज उन्होंने अपना 63वां जन्मदिन मनाया। अरुण जेटली लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के सबसे भरोसेमंद और सीनियर नेताओं में से एक हैं। वो साल 2000 से ही भारतीय संसद के उच्च सदन में भाजपा का प्रतिनिधित्व करते हैं। बतौर वित्त मंत्री अरुण जेटली अपना पहला कार्यकाल बखूबी निभा रहे हैं। इसके पहले भी वो एनडीए की सरकार में व्यापार और कानून मंत्री रह चुके हैं।
वकीलों के परिवार में पैदा हुए जेटली एक जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता भी रह चुके हैं। अरुण जेटली कॉलेज के दिनों में एक विलक्षण (एक्सट्रा ऑर्डिनरी) स्टूडेंट हुआ करते थे। दिल्ली के जाने माने कॉलेज श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से उन्होंने स्नातक और दिल्ली यूनीवर्सिटी से उन्होंने लॉ में स्नातक किया है। कॉलेज के दिनों में ही वो दिल्ली यूनीवर्सिटी की छात्र इकाई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। आपातकाल के दौरान वो जेल भी गए। जहां उन्होंने भाजपा के कई नेताओं से मुलाकात की जिन्होंने उनकी राय और बोलने की कला को पसंद किया।
जेल से छूटने के बाद अरुण जेटली जनसंघ से जुड़ गए और एवीबीपी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष बने गए, वो संगठन के राष्ट्रीय सचिव भी बन गए। जब भाजपा का गठन हुआ, तब साल 1980 में यूथ विंग के अध्यक्ष बने। साल 1980 से 1990 तक का दौर ऐसा था जब भाजपा मुख्य धारा की राजनीति में आने की जद्दोजहद कर रही थी। पार्टी को खड़ा करने क लिए तब अटल और आडवाणी कड़ी मेहनत कर रहे थे और उन्होंने जेटली को यह जिम्मा सौंपा कि वो यूथ को अपने भरोसे में लें।
अरुण जेटली सुप्रीम कोर्ट में वकालत किया करते थे और वो जल्द ही देश के जाने माने वकील बन गए थे। साल 2009 में उन्होंने प्रैक्टिस छोड़ दी थी। साल 1999 में अटल जी की सरकार में उन्हें राज्य मंत्री बनाकर कानून एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण के साथ साथ विनिवेश जैसे अहम मंत्रालयों का जिम्मा सौंपा गया। वो अटल जी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक थे और उन्हें एक साल के भीतर ही कैबिनेट में जगह दे दी गई।
प्रमोद महाजन की मौत और अटल बिहारी वाजपेयी के संन्यास के बाद उन्हें भाजपा का प्रमुख रणनीतिकार बनाया गया। साल 2009 में राज्यसभा के भीतर वो भाजपा की आवाज बने। उन्होंने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष का दायित्व संभाला। साल 2014 के चुनाव अभियान के दौरान अरुण जेटली भाजपा के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक थे। उन्हीं के कारण भाजपा को प्रचंड जीत मिली थी।
साल 2014 में उन्होंने लोकसभा के चुनाव में भी अपना भाग्य आजमाया। लेकिन अमृतसर लोकसभा सीट से उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी अमरिंदर सिंह ने हरा दिया। अरुण जेटली फिलहाल केंद्र सरकार में वित्त, कारपोरेट मामले और सूचना एवं प्रसारण जैसे अहम मंत्रालयों का जिम्मा संभाल रहे हैं। अगर देखा जाए तो वो नरेंद्र मोदी की कैबिनेट के सबसे ताकतवर नेता हैं। अरुण जेटली की दिलचस्पी क्रिकेट में भी रही है और वो बीसीसीआई के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
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