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नितिन गडकरी ने कहा, नरेंद्र मोदी ने सीबीआई को एक साल से कोई निर्देश नहीं दिए

नई दिल्ली: दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) प्रकरण को लेकर गुरुवार को भी आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर चलता

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Nitin Gadkari said PMO office did not issue any instructions to CBI on DDCA matt

नई दिल्ली: दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) प्रकरण को लेकर गुरुवार को भी आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर चलता रहा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जहां डीडीसीए में वित्तीय अनियमितता के चलते केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के इस्तीफे की मांग की, वहीं जेटली ने आप नेता द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठा करार दिया है। उधर, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले एक साल के दौरान सीबीआई को कोई निर्देश नहीं दिए।

​नितिन गडकरी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खुद बात की डीडीसीए प्रकरण के बारे में और मोदी ने उन्हें बताया कि उन्होंने पिछले एक साल के दौरान सीबीआई को किसी भी केस में किसी भी तरह के निर्देश नहीं दिए।

जेटली के खिलाफ हमला जारी रखते हुए अरविंद ने कहा कि जेटली को इस्तीफा देना ही होगा या तो उन्हें बर्खास्त किया जाए। हालांकि भाजपा और केंद्र सरकार ने उनकी इस मांग को ठुकरा दिया है। जेटली द्वारा अपने ऊपर लगे आरोपों को झुठलाए जाने के बाद अरविंद ने ट्वीट किया, "क्या जेटली द्वारा आरोपों से इनकार किए जाने को ही अंतिम सच माना जा सकता है? उनके खिलाफ बेहद गंभीर आरोप हैं। वह जांच से भाग क्यों रहे हैं?"

अरविंद ने अगले ट्वीट में लिखा, "अगर जेटली को बिना जांच के छोड़ दिया जाता है तो क्या कोयला घोटाले और 2जी घोटाले के सभी आरोपियों को भी नहीं छोड़ देना चाहिए?" इस बीच पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी बिशन सिंह बेदी ने भी जेटली के खिलाफ आवाज उठाई है और कहा, "अगर डीडीसीए में सबकुछ ठीक-ठाक था तो न्यायालय ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फिरोजशाह कोटला में हुआ चौथा टेस्ट मैच न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मुकुल मुद्गल की निगरानी में कराने का आदेश क्यों दिया? क्या कोई इस संबंध में मेरा ज्ञान बढ़ाएगा?"

बेदी ने आगे ट्वीट किया, "इतना ही नहीं, यदि डीडीसीए में किसी तरह का भ्रष्टाचार नहीं हुआ, तो बीसीसीआई ने डीडीसीए के सारे भुगतान क्यों रोक दिए और डीडीसीए के अध्यक्ष को क्यों हटाया गया?" आप नेता कपिल मिश्रा (कैबिनेट मंत्री) ने कहा, "मोदीजी में क्या जेटली को उस समय तक पद से हटाने की हिम्मत है, जब कि इस मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती। क्या मोदीजी वह कर सकते हैं, जो केजरीवाल (अरविंद केजरीवाल) ने अपने दागी मंत्रियों के साथ किया है?"

उनका इशारा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा रिश्वत लेने के आरोपी मंत्री को मंत्रिमंडल से हटाए जाने की ओर था। आप ने इसी आधार पर जेटली को भी पदमुक्त किए जाने की मांग करते हुए कहा कि जब तक दिल्ली व जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) से जुड़े मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक जेटली को पदमुक्त कर देना चाहिए।

उधर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के इस्तीफे की आम आदमी पार्टी (आप) की मांग को बेतुका करार दिया है और कहा कि यह कोई मुद्दा ही नहीं है, क्योंकि कुछ भी गलत नहीं हुआ है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने गुरुवार को यहां संवाददाताओं से कहा, "अरुण जेटली जी के इस्तीफे का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। वे (आप) इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं, जबकि यह कोई मुद्दा ही नहीं है।" नायडू ने कहा, "यह बेतुका मुद्दा है और इसकी कोई प्रासंगिकता नहीं है। उन्होंने (जेटली) कुछ भी गलत नहीं किया है, तो वह इस्तीफा क्यों दें?" उन्होंने कहा कि आप अपने गलत कार्यो को छिपाने के लिए पूरी दुनिया को बेईमान कह रही है।

आप ने जेटली पर वर्ष 1999 से 2013 के दौरान दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) का अध्यक्ष रहते हुए बड़ी वित्तीय धांधली में शामिल होने का आरोप लगाया है। आरोप यह भी है कि फिरोजशाह कोटला स्टेडियम के निर्माण के लिए 24 करोड़ रुपये का बजट था, जबकि इस स्टेडियम के निर्माण में 114 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

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