नई दिल्ली: ऊधमपुर आतंकी हमले में आज मोस्ट वांटेड टेररिस्ट और लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद का कनेक्शन और साफ हो गया। जांच एजेंसियों को पाकिस्तानी आतंकी नावेद ने अपने साथी नोमान और हाफिज सईद का कनेक्शन बताया है। नावेद ने पूछताछ में बताया कि मारा गया उसका दूसरा साथी नोमान हाफिज़ सईद का पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड था। नोमान हाफिज़ सईद के साथ रहता था। उसकी इंटरनल सिक्योरिटी का हिस्सा था। नावेद ने बताया कि कुलगाम में मुलाकात के वक्त नोमान ने उसे हाफिज़ सईद के बारे में बताया था। नोमान ने कहा था कि वो कुछ वक्त के लिए हाफिज़ सईद की सिक्योरिटी की देखरेख भी करता था और उसके साथ कई बार बॉर्डर पर बने ट्रेनिंग कैंप्स भी गया।
लश्कर के आतंकवादी नावेद याकूब को लेकर आज भी कई नई जानकारियां सामने आई। आज पता चला कि पाकिस्तान का ये आतंकवादी अपने तीन दूसरे साथियों के साथ हिंदुस्तान में पैंतालिस दिन तक बिना किसी की नजरों में आए कैसे रहा। कहां छिपा रहा, इसे किसने पनाह दी। नावेद की मदद करने वाले कौन लोग थे। पता चला कि नावेद को जम्मू कश्मीर में लश्कर ए तोईबा के स्लीपर सेल्स का सपोर्ट मिला। इसके अलावा नावेद और उसके साथियों की अवंतीपुरा में कई स्थानीय दुकानदारों ने भी मदद की।
आतंकी नवेद का कबूलनामा-
- 27 मई को पाकिस्तान के हलान से मूवमेंट।
- 3 आंतकी नोमान, ओकाशा पख्तून, मो. भाई भी साथ।
- 2 जून को बॉर्डर पर पहुंचे आतंकी।
- फज्जा टॉप से तार काटकर भारतीय सीमा में घुसे।
- GPS की मदद से कश्मीर पहुंचे।
- आशिक भट्ट उर्फ ओबैदा ने आतंकियों को रिसीव किया।
- ओबैदा ने आतंकियों के चुरसू जाने का इंतजाम किया।
- आतंकी चार दिन तक चुरसू में रुके।
40 दिन तक पुलवामा के ख्रियू शहर में छिपे आतंकी।
23 जुलाई को नवेद के साथ दुजाना, शाहीन गुलजार, शौकत लोन और अबु उकाशा नाम के आतंकियों की मूवमेंट हुई। नावेद ने बताया कि सभी को ट्रक में ले जाया गया। नावेद के साथ दुजाना तो काकापुरा ड्रॉप किया गया जबकि बाकी तीन आतंकियों को पुलवामा भेजा गया। नावेद और दुजाना की पुलवामा में बेकरी शॉप मालिक और लश्कर के स्लीपर सेल से मुलाकात हुई। आतंकी दुजाना अगले दिन श्रीनगर के लिए रवाना हो गया जबकि नावेद एक और आतंकी तालिब शाह के साथ काकापुरा में रुका रहा।
नावेद ने जांच एजेंसियों को बताया कि काकापुरा के बाद उसे कुलगाम के खुदवानी में उतारा गया। यहां उसे लश्कर का आतंकी अबु हमजा लेकर आया। नावेद के साथ लश्कर की स्लीपर सेल का मेंबर भी मौजूद था। नावेद और इस स्लीपर सेल को हमजा एक वेल्डिंग शॉप चलानेवाले के घर पर ले गया। यहीं पर नावेद और उसके हैंडलर अुब कासिम की मुलाकात हुई। नावेद अगले छह दिन तक खुदवानी में रहा। इस दौरान आतंकी तल्हा, मोमिन और मुजम्मिल उससे मिलने आए। छठे दिन नावेद को फिदायीन मिशन के बारे में बताया गया। कासिम अपने साथ आतंकी नोमान को भी लेकर आया।
कासिम के निर्देश मिलने के बाद नावेद और नोमान ट्रक में कुलगाम से जम्मू के लिए रवाना हो गए। सुबह सवा दो बजे टोल प्लाजा पार किया और फिर रामबन पहुंचे। यहां से उन्होंने दो बैग और खाने का सामान खरीदा। टमाटर चौक पर रात बिताई, खाना बनाया और अपने हथियार बैग में रखे। अगली सुबह वो जम्मू के लिए रवाना हो गए। वो ट्रक से समरौली पर उतर गए। एक कश्मीरी होटल पर चाय पी और इसके बाद BSF के काफिले का इंतजार करने लगे जिस ट्रक से आतंकी जम्मू आए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उसका नंबर पता लगा लिया है। JK13/2586 नंबर वाले ट्रक को जब्त कर लिया गया है।
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