नई दिल्ली: 26/11 को मुंबई में जो हुआ वो दोबारा न हो इसको परखने के लिये मुंबई में 17-18 मई को ऑपरेशन सागर कवच चलाया गया। इस दौरान सुरक्षा की नजर से एक भारी चूक सामने आई है। मौक ड्रिल में इस्तेमाल किए गए 6 डमी टेररिस्टों में से 5 सिटी में घुसने में कामयाब हो गए। कहा जा रहा है कि इस मुद्दे पर बात करने के लिए चीफ सेक्रेटरी जल्द ही हाइलेवल मीटिंग बुला सकते है।
बाइ एनुअल मॉक एक्सरसाइज में की गई सिक्योरिटी ड्रिल में इंडियन नेवी, कोस्ट गार्ड औऱ कोस्टल पुलिस तीनों ने हिस्सा लिया। कोस्ट गार्ड ने इसमें आतंकी का रोल निभाया। एक अधिकारी ने इस ड्रिल के बारे में बताया कि कोस्ट गार्ड के जवानों को आतंकी बनाया गया था। उन्हें रेड फोर्स नाम दिया गया था। कोस्टल पुलिस को ब्लू फोर्स नाम दिया गया था। ब्लू फोर्स को रेड फोर्स की कोशिशों को नाकाम करना था।
प्रैक्टिस उसी रास्ते पर की गई, जहां से कसाब व अन्य आतंकी घुसे थे। अधिकारी का कहना है कि सिटी में घुसपैठ की रेड फोर्स की स्ट्राइक रेट एक अलार्म है। घुसपैठ की 5 आसान जगहें सामने आना सिक्युरिटी के लिए बड़ी चिंता की बात है।
सुत्रों का दावा है कि जिन जगहों से कोस्ट गार्ड के जवान सिटी में घुसने में सफल रहे, उनमें से एक बाधवर पार्क (साउथ मुंबई) थी। यह वही रूट है, जिससे कसाब और बाकी 9 आतंकी 2008 में सिटी में घुसे थे। अधिकारी का कहना है कि सिटी में घुसपैठ की रेड फोर्स की स्ट्राइक रेट एक अलार्म है। कोस्टल पुलिस को इस चूक पर गंभीरता से गौर करना चाहिए और तत्काल कदम उठाना चाहिए।
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