राज्यसभा: बिहार से 5, महाराष्ट्र, तमिलनाडु से 6 और आंध्र से 4 नाम तय
जदयू नेता शरद यादव, जानेमाने अधिवक्ता राम जेठमलानी और राजद प्रमुख लालू प्रसाद की पुत्री मीसा भारती सहित पांच उम्मीदवारों को शुक्रवार को बिहार से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।

पटना: जदयू नेता शरद यादव, जानेमाने अधिवक्ता राम जेठमलानी और राजद प्रमुख लालू प्रसाद की पुत्री मीसा भारती सहित पांच उम्मीदवारों को शुक्रवार को बिहार से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। संसद के ऊपरी सदन के लिए बिना चुनाव के निर्वाचित होने वाले दो अन्य उम्मीदवारों में जदयू उम्मीदवार रामचंद्र प्रसाद सिंह और भाजपा उम्मीदवार गोपाल नारायण सिंह शामिल हैं।
जेठमलानी भाजपा के पूर्व सांसद एवं अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में विधि मंत्री रहे चुके हैं। वह राजद से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। वह वर्तमान में रांची में राजद प्रमुख लालू प्रसाद के खिलाफ करोड़ों रुपए के चारा घोटाले में पैरवी कर रहे हैं। इससे बिहार से राज्यसभा की 16 सीटों पर पार्टियों के सदस्यों की संख्या इस प्रकार हो गई है। जदयू नौ, भाजपा पांच और राजद दो। जेठमलानी के अलावा सभी चार विजयी राज्यसभा उम्मीदवारों ने अपने प्रमाणपत्र बिहार विधानसभा सचिव सह निर्वाचन अधिकारी राम श्रेष्ठ राय से प्राप्त कर लिए। राय ने बताया कि जेठमलानी का प्रमाणपत्र राजद विधायक एवं लालू प्रसाद के नजदीकी विश्वासपात्र भोला यादव ने प्राप्त किया।
तमिलनाडु से राज्यसभा के लिए नामित छह उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए
तमिलनाडु से राज्यसभा के लिए सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक की ओर से नामित चार और द्रमुक की ओर से नामित दो उम्मीदवारों को शुक्रवार को निर्विरोध चुन लिया गया। अन्नाद्रमुक की ओर से आर. वैथिलिंगम, ए. नवनीतकृष्णन, ए. विजयकुमार और पूर्व केन्द्रीय मंत्री एस.आर. बालसुब्रमण्यन, द्रमुक की ओर से आर.एस. भारती व टी.के.एस. एलनगोवन को निर्वाचित घोषित किया गया जो 29 जून को सेवानिवृत्त हो रहे छह सदस्यों की जगह लेंगे। 3 जून नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख थी। अन्नाद्रमुके के चार सांसदों के निर्वाचन के साथ राज्यसभा में पार्टी की ताकत बढ़कर 12 सदस्यों पर पहुंच जाएगी। वहीं राज्यसभा में द्रमुक के दो सांसदों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा और वे चार बने रहेंगे।
आंध्र प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए सुरेश प्रभु और सत्यनारायण चौधरी
रेल मंत्री सुरेश प्रभु और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री वाई सत्यनारायण चौधरी को आंध्र प्रदेश से राज्यसभा के लिए एकमत से चुन लिया गया। राज्यसभा के लिए हर दो साल पर होने वाले चुनावों में टी जी वेंकटेश और वी विजयसाई रेड्डी भी निर्विरोध चुने गए। निर्वाचन अधिकारी एवं आंध्र प्रदेश विधानमंडल के सचिव (प्रभारी) के सत्यनारायण राव ने नामांकन वापस लेने की अवधि गुरुवार दोपहर तीन बजे खत्म होने के बाद चारों उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। वाईएसआर कांग्रेस की तरफ से कठपुतली उम्मीदवार (डमी कैंडिडेट) के तौर पर नामांकन-पत्र दाखिल करने वाली वी सुनंदा रेड्डी ने गुरुवार को अपना पर्चा वापस ले लिया था, जिससे चारों प्रमुख उम्मीदवारों के एकमत से चुने जाने का रास्ता साफ हो गया था। प्रभु भाजपा की ओर से नामित किए गए और आंध्र में सत्ताधारी तेलुगु देशम पार्टी उनके समर्थन में थी। चौधरी और वेंकटेश तेलुगु देशम पार्टी के उम्मीदवार हैं जबकि विजयसाई विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस के एकमात्र उम्मीदवार हैं।
महाराष्ट्र से चुने गए गोयल और चिदंबरम
केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिया गया। विधान भवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर तक नामांकन वापस लिया जा सकता था। छह सीटों के लिए छह ही प्रत्याशी थे और किसी ने नाम वापस नहीं लिया इसलिए सभी को ऊपरी सदन के लिए चुन लिया गया। अन्य निर्वाचित प्रत्याशी पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल (राकांपा), भाजपा के विनय सहस्रबुद्धे और विकास महात्मे और शिवसेना के संजय राउत हैं। इन्होंने द्विवार्षिक चुनावों के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। चिदंबरम ने 2014 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था।