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कानपुर के दिमाग से पूर्वोत्तर में पहली बार खिला कमल, ऐसे जीती BJP

लोकसभा चुनाव में मोदी लहर की पटकथा लिखने वाले प्रशांत किशोर के पार्टी का साथ छोड़ने के बाद अब भाजपा को नया किंग मेकर मिल गया है, जिनका नाम है रजत सेठी।

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- India TV Hindi
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नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में मोदी लहर की पटकथा लिखने वाले प्रशांत किशोर के पार्टी का साथ छोड़ने के बाद अब भाजपा को नया किंग मेकर मिल गया है, जिनका नाम है रजत सेठी। रजत सेठी की बदौलत ही भाजपा ने पहली बार असम (पूर्वोत्तर) में जीत का स्वाद चखा है। आपको बता दें कि प्रशांत किशोर ने भाजपा छोड़ अब कांग्रेस का दामन थाम लिया है और बिहार में भाजपा को हराने के लिए महागठबंधन ने जिस व्यक्ति को तैनात किया था वो प्रशांत किशोर ही थे।

कौन हैं रजत सेठी:

प्रशांत किशोर से टक्कर लेने के लिए भाजपा ने रजत सेठी को बीते साल ही कमान सौंप दी थी। बीते साल ही रजत की टीम भाजपा को जीत दिलाने के लिए जी जान से जुट गई थी। रजत सेठी हावर्ड यूनीवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में ग्रेजुएट हैं और उन्होंने ही पार्टी के विजन डाक्यूमेंट को तैयार करवाने में भी अहम भूमिका निभाई।

कानपुर के हैं रजत सेठी:

भाजपा को असम में जीत दिलाने वाली रजत सेठी कानपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से पढ़ाई की है। इसके बाद ही वो हॉवर्ड यूनीवर्सिटी गए जहां उन्होंने पब्लिक पॉलिसी में स्नातक किया। बताया जाता है कि संघ परिवार से उनके परिवार का नाता भी रहा है।

राम माधव की खोज हैं रजत:

जानकार बताते हैं कि असम में भाजपा की जीत के लिए जितना योगदान रजत सेठी का है उतना ही योगदान राम माधव को भी दिया जाना चाहिए। साल 2012 में रजत हॉवर्ड इंडिया एसोसिएशन के लिए बड़े बड़े इवेंट आयोजित करवाते थे। इसी दौरान राम माधव की उनके मुलाकात हुई। राम माधव उनकी प्रतिभा को पहचान गए। साल 2013 में रजत पढ़ाई पूरी होने के बाद जब भारत लौटे तो राम माधव ने उनसे संपर्क साधा और फिर रजत राम माधव के कहने पर भी भाजपा से जुड़ गए।

ऐसे लिखी गई असम में जीत की पटकथा:

भाजपा से जुड़ते ही रजत ने टीम बनाने की प्रक्रिया शुरु कर दी। उनकी टीम में कुल छह लोग शामिल थे, जिसमे से 4 लोग आईआईटी खड़गपुर से थे। दो लोग ऐसे भी थे जिन्होंने कभी प्रशांत किशोर की टीम के लिए भी काम किया था। रजत ने साल 2015 में असम जीत के लिए अपनी मुहम तेज कर दी और उन्होंने पार्टी के लिए असम निर्माण का नारा दिया। रजत की टीम ने पार्टी को जीत दिलाने के लिए दिन के 20-20 घंटे काम किया। रजत की टीम ने अपनी रणनीति के तहत यह भी स्पष्ट किया था कि रैलियों में नरेंद्र मोदी और अमित शाह को क्या क्या बोलना है। पीएम मोदी ने 2 रुपए प्रति किलो की दर से चावल देने की जिस स्कीम को मंच से कहा था उसे भी रजत की टीम ने पहले से तैयार किया था।     

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