नई दिल्ली: दो जनवरी तड़के 3.30 बजे पठानकोट एयरबेस में घुसे आतंकियों ने हमला कर दिया,भारतीय सेना,एनएसजी और पंजाब पुलिस के जवानों ने आतंकियों को करारा जवाब देते हुए मार गिराया, सर्च अभियान जारी है। आतंक का भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया है, आतंक के खिलाफ इस जंग में लड़ते हुए देश के लिए सात जवान भी शहीद हुए है। आतंकियो के खिलाफ सैनिको का हौसले की बुलंद दास्तान में शहीद जगदीश उस वक्त आतंकियों से बिना हथियार के ही भिड़ गए,एक आतंकी को पकड़कर उसकी राइफल छीनी और उसे मार गिराया,लेकिन शेष बचे तीन आतंकियों ने पलटवार करते हुए उन पर हमला कर दिया जिसमें उनका शरीर गौलियों से छलनी हो गया और देश का यह वीर जवाब आतंक को करारा जवाब देते हुए शहीद हो गया।
आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के एक अधिकारी सहित कुल सात सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। आज हम आपको उन शहीदों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होनें आतंकवादियों के खिलाफ अपनी जान की बाजी लगा दी।
शहीद लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन, एनएसजी: लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन नेशनल सिक्योरिटी गार्ड की बम डिस्पोजल टीम के सदस्य थे। पठानकोट में चल रहे हमले के दूसरे दिन सर्च ऑपरेशन के समय एक ग्रेनेड को निष्क्रिय करते समय ग्रेनेड फटने से उनकी मौत हो गई। वह केरल के रहने वाले थे तीन साल पहले उनकी शादी हुई थी और उनकी दो साल की बेटी भी है।