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दिन में तीन बार रंग बदलता है शिवलिंग, कुंवारों के बीच खास मान्यता

नई दिल्ली: सावन के पावन महीने में भोलेनाथ यानी भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि इन दिनों पूजा करने से भगवान शिव अपने किसी भी भक्त को निराश

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शिवलिंग बदलता है अपना रंग, लगा है भक्तों का तांता

नई दिल्ली: सावन के पावन महीने में भोलेनाथ यानी भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि इन दिनों पूजा करने से भगवान शिव अपने किसी भी भक्त को निराश नहीं छोड़ते और उनकी मनचाही इच्छा एवं मनोकामना को पूरा कर देते हैं। देशभर में भगवान शिव के तमाम मंदिर हैं। भगवान शिव एकलौते ऐसे भगवान हैं जिनके सिर्फ भारत में अनगिनत मंदिर है। कहीं-कहीं तो एक सड़क और नुक्कड़ के किनारे सिर्फ एक शिवलिंग भर रखा है जिसे लोग पूजा करते हैं, इतना ही नहीं दुनियाभर के तमाम शिवलिंगों का अपने एक अलग महत्व भी है। आज हम अपनी खबर में आपको एक ऐसे शिवलिंग के बारे में बताएंगे जो दिन में कई बार अपने रंग को बदल देता है। यह शिवलिंग अपने इस खास महत्व के कारण वैज्ञानिकों के लिए भी अबूझ पहेली बना हुआ है।

कहां है मंदिर-

यह मंदिर राजस्थान के धौलपुर में चंबल नहीं के बीहड़ों में है। इस मंदिर का नाम अचलेश्वर महादेव है। इस मंदिर में इस बार सावन के दिनों में विशेष ताता लगा हुआ है और वो भी इस शिवलिंग की खासियत के चलते।

शिवलिंग बदलता है रंग-

जानकारी के मुताबिक यह शिवलिंग दिन में करीब 3 बार अपना रंग बदल देता है।  इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग दिन में लाल, दोपहर को केसरिया और रात को सांवले रंग का दिखाई देता है। हालांकि पत्थर का यह शिवलिंग इतनी तेजी से रंग क्यों बदलता है इसका कोई प्रमाणिक और तार्किक जवाब अब तक नहीं मिल पाया है। इस मंदिर का कुंवारों के बीच भी अच्छा खासा महत्व है। अगर कोई कुंवारी स्त्री या कुंवारा पुरुष यहां मन्नत मांगने आता है तो शिव जी उसकी हर मुराद पूरी कर देते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह मंदिर करीब हजार साल पुराना है।

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