1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. मोहम्मद गौरी के हमलें के बाद से यह गांव नही मनाता रक्षाबंधन

मोहम्मद गौरी के हमलें के बाद से यह गांव नही मनाता रक्षाबंधन

नई दिल्ली: मेरठ के मुरादानगर तहसील का सुराना एक ऐसा गांव है जहां सदियों से रक्षाबंधन के त्योहार नही मनाया जाता है, क्योंकि यहां के लोग इस दिन को शापित मानते है। इसके एक बहुत

गौरी के हमलें के बाद से...- India TV Hindi
गौरी के हमलें के बाद से यह गांव नही मनाता रक्षाबंधन

नई दिल्ली: मेरठ के मुरादानगर तहसील का सुराना एक ऐसा गांव है जहां सदियों से रक्षाबंधन के त्योहार नही मनाया जाता है, क्योंकि यहां के लोग इस दिन को शापित मानते है। इसके एक बहुत बडी वजह है। वह है मोहम्मद गौरी नें इस गांव में नरसंहार किया था।

यहां के स्थानीय लोग बताते हा कि 12 वीं शताब्दी में मोहम्मद गौरी नें इस गांव में नंरसहार किया जाता उसनें छोटे-छोटे बच्चों को भई नही छोड़ा था। इस नरसंहार में गांव का एक भी व्यक्ति नही बचा था सिर्फ एक महिला और उसके बच्चें को छोड़ कर। इनके बचनें का कारण था इस नरसंहार की समय यह गांव में नही थें। जिस दिन यह सब हुआ उस दिन रक्षाबंधन का दिन था।

कई शताब्दी बीत जाने के बाद जब गांव वालों नें रक्षाबंधन को मनाया तो उनके गांव का एक बच्चा विकलांग हो गया। तब इस त्योहार को शापित मान लिया गया और रक्षाबंधन का त्योहार मनाना छोड़ दिया। इस बारें में जब ज्यादा जानकारी इकट्ठा की गई तब गांव के एक छात्र ने बताया कि इस गांव के पहलें नाम सोहनगढ़ था। इस गांव को राजपूतों ने आठवीं शताब्दी में बसाया था। जब उसनें यह नरसंहार किया तब वह जहां से गुजरा उसनें वहा की किसी भी चीज को नही छोड़ा यहा तक की मंदिर को भी ध्वस्त कर दिया। नही। जब गौरी नें रक्षाबंधन के दिन आक्रमण किया तो किसी को नही छोडा यहां तक की बच्चों पर भी रहम नही आई तभी से यहां रक्षाबंधन नही मनाया जाता है। लेकिन इस गांव की एक महिला और उसके बेटे बच गए जो छबिया गोत्र के थे। बाद में इन्ही नें इस गांव को पइर से बसाया। आज इस गांव में आधे से ज्यादा लोग छबिया गोत्र के ही है।

 

Latest India News