नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के अलीपुर चिड़ियाघर के अधिकारियों के लिए एक अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई है। उनके एक जवान बाघ की सेक्स में दिलचस्पी इस कदर कम हो गई है कि मादा साथी के इशारे के बावजूद उसका रवैया ठंडा ही रहा।
10 साल के इस सफेद बाघ का नाम विशाल है। पड़ोस के बाड़े में रहने वाली मादा साथी ‘रूपा’ की सेक्स की चाहत पर ‘विशाल’ का रुख बेहद ठंडा रहा। अधिकारियों के अनुसार कामेच्छा बढ़ाने की दवाएं भी बाघ को जोश दिलाने में नाकाम रहीं।
इस चिड़ियाघर में पांच मादा बाघ हैं और इनके लिए केवल तीन बाघ। विशाल और रूपा की उम्र 10 और आठ साल है और उन्हें सफेद बाघों के एक ब्रीडिंग प्रॉजेक्ट के लिए चुना गया था लेकिन विशाल ने निराश किया।
चिड़ियाघर के डॉक्टर दयानारायण बनर्जी कहते हैं, 'हमने विशाल को इसलिए चुना क्योंकि वह सबसे जवान था और शरीर से ताकतवर भी। लेकिन यह देखकर हम हैरान रह गए और समझ नहीं पा रहे हैं कि विशाल को आखिर हो क्या जाता है जब वह रूपा को देखता है। वह अपनी दुम टांगों के बीच दबाकर भाग जाता है।' हालांकि चिड़ियाघर के अधिकारी विशाल के लिए नई मादा साथी लाने पर विचार कर रहे हैं।
बनर्जी के अनुसार, “बाघ के लिए सहवास की सबसे अच्छी उम्र पाँच-छह साल है। सात-आठ साल के बाघ भी इसमें सफल होते हैं, लेकिन 10 साल से अधिक उम्र के बाघ के लिए यह बहुत मुश्किल है।”
बनर्जी ने बताया कि जब विशाल को आठ साल की रूपा से मिलवाया गया तो उसका व्यवहार मित्रतापूर्ण था और दोनों के बीच दुश्मनी के कोई संकेत नहीं थे लेकिन उनका संपर्क इससे आगे नहीं बढ़ा।
बनर्जी ने कहा कि वह पक्के तौर पर नहीं कह सकते कि विशाल सहवास करने में सफल हो भी पाएगा कि नहीं, लेकिन चिड़ियाघर के अधिकारियों ने अभी कोशिशें नहीं छोड़ी हैं।
अधिकारी कहते हैं, “हम अब उसे रानी से मिलवाने पर विचार कर रहे हैं। वह बंगाली बाघिन है। लेकिन उसका बाड़ा विशाल के बाड़े से काफी दूर है और उस फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं कि क्या उसे (रानी) पास के बाड़े में लाया जा सकता है.”
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