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26 जनवरी को दिल्ली सील, ऐसी सुरक्षा न कभी देखी, न सुनी!

नई दिल्ली: 67वें गणतंत्र दिवस समारोह के लिए देश की राजधानी दिल्ली पूरी तरह से किले में तब्दील हो गई है। पूरी दिल्ली को सील कर दिया गया है और परेड वाले हिस्से में हर

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नई दिल्ली: 67वें गणतंत्र दिवस समारोह के लिए देश की राजधानी दिल्ली पूरी तरह से किले में तब्दील हो गई है। पूरी दिल्ली को सील कर दिया गया है और परेड वाले हिस्से में हर बिल्डिंग हर छत पर ऑटोमेटिक हथियारों के साथ कमांडो तैनात हो गए हैं।  सुरक्षा इस कदर है कि परेड के रूट पर पड़ने वाली सभी सरकारी और प्राइवेट इमारतों को सुरक्षा एजेंसियों ने सील कर दिया है और उन्हें अपने कब्जे में ले लिया है।

गणतंत्र दिवस समारोह को देखते हुए पूरी दिल्ली का चप्पा-चप्पा पर सुरक्षा एजेंसियों की निगहबानी में है। जहां नज़र दौड़ाओ वहीं ऑटोमेटिक हथियारों से लैस जवान, कड़ी चौकसी और तगड़ी चेकिंग।

राजधानी की तगड़ी किलेबंदी

छब्बीस जनवरी से 24 घंटे पहले पूरी दिल्ली किले में तब्दील कर दी गई है। सुरक्षा इस कदर है कि परेड के रूट पर पड़ने वाली सभी सरकारी और प्राइवेट इमारतों को सुरक्षा एजेंसियों ने सील कर दिया है और उन्हें अपने कब्जे में ले लिया है। लोगों को कई दौर की सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ रहा है।

गृहमंत्रालय में हुई हाईलेवल की मीटिंग

सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए 26 जनवरी से एक दिन पहले आज गृह मंत्रालय में हाईलेवल की मीटिंग  भी हुई। गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें NSA अजित डोभाल, रॉ के चीफ, IB चीफ और सुरक्षा एजेंसियों के आला अधिकारी मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में ISIS के खतरे और दूसरे आतंकी खतरों पर भी चर्चा हुई।

ज़मीन से आसमान तक कड़ी निगरानी

दिल्ली की एक-एक सड़क पर सीसीटीवी कैमरे की नज़र है और उन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जा रही है। बोट क्लब और इंडिया गेट पर बने दो कंट्रोल रूम से। 350 कैमरों की निगरानी तो केवल बोट क्लब से ही की जा रही है इनमें 95 फीसदी कैमरे ऑटो फोकस जूम हैं।

राजपथ पर होगा 5 लेयर का सुरक्षा घेरा

26 जनवरी से पहले यूं तो पूरी दिल्ली को ही सील कर दिया गया है लेकिन सबसे भारी-भरकम सुरक्षा इंतजाम राजपथ से लेकर लालकिले तक परेड के रूट पर हैं। राजपथ पर तो सुरक्षा का घेरा पांच लेयर का होगा।

सबसे अंदर के यानी पांचवें घेरे में  एनएसजी कमांडो तैनात रहेंगे। उससे पहले के यानी चौथे घेरे में मेटल डिटेक्टर लगे होंगे और सादे कपड़ों में इंटेलीजेंस की टीम रहेगी। तीसरा घेरा सादे कपड़ों में तैनात सुरक्षाकर्मियों का होगा और उनके साथ कमांडो भी होंगे जबकि दूसरे घेरे में पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान होंगे और सबसे बाहर के घेरे में दिल्ली पुलिस के जवान तैनात होंगे। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 26 जनवरी समारोह के चीफ गेस्ट फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के लिए सुरक्षा का घेरा 6 लेयर का होगा।

ऐसी सुरक्षा कभी देखी, सुनी!

इस हाईप्रोफाइल समारोह को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां कोई ख़तरा मोल नहीं लेना चाहतीं। एहतियात के तौर पर दिल्ली पुलिस ने जगह-जगह पर मोस्ट वांटेड आतंकियों के पोस्टर भी चस्पा कर दिए हैं। आतंकी ख़तरे को देखते हुए इस दफा सुरक्षा के इंतजाम लगभग दोगुने हैं। 29 एंटी टेरेरिस्ट पिकेट्स बनाए गए हैं। सड़कों पर रेत के बोरों के 27 बंकर बनाए गए हैं। 11 क्विक रिस्पांस और काउंटर असॉल्ट टीमें तैनात कर दी गई हैं।

परेड रूट की 185 इमारतों की छतों पर कमांडो की तैनाती कर दी गई है। यही नहीं, सुरक्षा इंतजामों में 25 हजार जवान लगाए गए हैं। तो कुल मिलाकर इस बार की छब्बीस जनवरी पर सुरक्षा का ऐसा बंदोबस्त है जो कि आज तक न देखा गया और न सुना गया...ये सब इसलिए क्योंकि इस बार दिल्ली पर ख़तरा बड़ा है।

अगली स्लाइड पर वीडियो में देखिए राजधानी की तगड़ी किलेबंदी-

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