नई दिल्ली: उबर कैब रेप केस में दिल्ली की तीस हजारी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ड्राइवर शिवकुमार यादव को दोषी करार दिया है। बचाव पक्ष के वकील धर्मेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि कोर्ट ने उनकी सभी दलीलों को नकार दिया। दोषी ड्राइवर की सजा पर बहस 23 अक्टूबर को होगी।
गौरतलब है कि तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने बचाव व अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद 7 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। आरोपी शिवकुमार यादव ने पीड़िता समेत अभियोजन के अन्य गवाहों के बयान दोबारा कराने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने पीड़िता समेत 13 गवाहों से दोबारा जिरह करने की अनुमति दी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस आदेश को पलट दिया था। बचाव पक्ष इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद 24 सितंबर से जिरह कर रहा था। मामले में कोर्ट ने आज फैसला सुनाया है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला पिछले साल 5 दिसंबर 2014 को उबर कैब में एमएनसी में काम करने वाली वित्तीय सलाहकार से रेप से संबंधित है। युवती ने ऐप के जरिए उबर कंपनी की एक कैब बुक कराई थी। वह गुड़गांव से दिल्ली के इंद्रलोक स्थित अपने घर जा रही थी। उसी दौरान ड्राइवर ने युवती से रेप किया था। इस घटना के 2 दिन बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी को यूपी से गिरफ्तार किया था।
कौन है शिवकुमार यादव
32 वर्षीय शिवकुमार यादव यूपी के मैनपुरी का रहने वाला है। वह शादीशुदा है और 2 बच्चे है। उस पर यूपी में अभी भी एक रेप केस चल रहा है। जबकि दिल्ली के महरौली में रेप केस से वह बरी हो चुका है। यूपी में उसके खिलाफ गुंडा एक्ट और आर्म्स एक्ट के केस भी चले है।
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