नई दिल्ली: आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में हिंसा हो रही है। अब तक 11 लोगों की मौत हो गई है जबकि सुरक्षा बलों के 96 जवानों सहित 126 लोग घायल हो गए। बुरहान की मौत पर एक तरफ जहां राजनीति हो रही है तो वहीं दूसरी तरफ JNU में देशद्रोही कांड के आरोपी उमर खालिद ने फेसबुक पोस्ट में बुरहान का समर्थन किया है और उसकी तारीफ की है।
उमर ने फेसबुक पर लिखा कि,‘बुरहान मौत से नहीं डरता था, वो ऐसी जिंदगी से डरता था जो गुलामी में जी जाए। उसने इसका विरोध किया। वो आज़ाद जिया और आज़ाद मरा।’
उमर ने लिखा,‘चे ग्वेरा ने कहा था कि अगर मैं मारा भी जाऊं तो मुझे तब तक फर्क नहीं पड़ता जब तक कोई और मेरी बंदूक उठाकर गोलियां चलाता रहेगा। शायद यही शब्द बुरहान वानी के भी रहे होंगे।
देशद्रोह के नारे लगाने का आरोपी है खालिद
आपको बता दें कि JNU का छात्र उमर खालिद देशद्रोह का आरोपी है। उस पर 9 फरवरी की रात कैंपस में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी मनाने के साथ ही उसके समर्थन और देश के विरोध में नारे लगाने के आरोप हैं।
मार्क्सवादी क्रांतिकारी थे चे ग्वेरा
उमर ने जिस अर्नेस्तो चे ग्वेरा का जिक्र किया है वो अर्जेन्टीना के मार्क्सवादी क्रांतिकारी थे और क्यूबा की क्रांति में मुख्य भूमिका निभाई थी। इनकी मृत्यु के बाद से इनका चेहरा दुनियाभर में सांस्कृतिक विरोध एवं वामपंथी गतिविधियों का प्रतीक बन गया।
घाटी में संवेदनशील स्थिति को देखते हुए अमरनाथ यात्रा भी रोक दी गई है और पुलिस का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होने की संभावना होने पर इसे बहाल किया जाएगा। साथ ही घाटी में कर्फ्यू भी लगा दिया गया है और मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को भी बंद कर दिया गया है।
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