नई दिल्ली: भारी बारिश के बाद बाढ़ से उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिले बदहाल है। यूपी के शामली में यमुना पूरे उफान पर है तो बनारस में गंगा का स्तर बढ़ने से घाट तक पानी आ चुका है, वहीं बिहार के रोहतास में सोन नदी भी विकराल रूप धारण किए हुए। इस स्थिति के कारण सैकड़ों एकड़ फसल भी बरबाद होने की स्थिति में पहुंच चुकी है।
बिहार में नालंदा जिला के बाढ़ से प्रभावित होने के साथ गंगा सहित प्रदेश की कुल छह नदियां राजधानी पटना में तीन स्थानों सहित नदी कुल चार स्थानों पर खतरे के निशान से उपर बह रही है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार बिहार में महानंदा, बखरा, कंकई, परमार, कोसी एवं अन्य नदियों में हाल में आई बाढ़ से राज्य के कुल 14 जिले पूर्णियां, किशनगंज, अररिया, दरभंगा, मधेपुरा, भागलपुर, कटिहार, सहरसा, सुपौल, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, मुजफ्फरपुर एवं सारण जिला बाढ से प्रभावित हुए थे। बाढ़ में 95 लोगों की जान गई थी। लेकिन धीरे धीरे जलस्तर में कमी आने से कल तक इन जिलों में बाढ़ की स्थिति समाप्त हो गई थी।
फल्गु नदी में आई बाढ़ से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा के तीन प्रखंडों एकंगरसराय, हिलसा और करायपरसुराय के 20 गांवों की कुल 10 हजार आबादी आज बाढ़ से प्रभावित हो गई है। बाढ़ पीडि़तों के लिए चलाए जा रहे एक राहत शिविर में कुल 33 लोग शरण लिए हुए हैं। गंगा नदी पटना के दीघा घाट, गांधी घाट एवं हाथीदह तथा भागलपुर जिले के कहलगांव में, सोन नदी पटना के मनेर में, पुनपुननदी पटना के श्रीपालपुर में, घाघरा नदी सीवान जिला के गंगपुर सिसवन में, बूढी गंडक नदी खगडिया में, कोसी नदी खगडिया जिला के बलतारा में एवं कटिहार जिले के कुरसेला में जहां खतरे के निशान से उपर बह रही है वहीं शेष सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही है।
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