उरी हमले के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह आज सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। बैठक में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के अलावा बीसीएफ और सीआरपीएफ के डीजी, ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के प्रमुख भी मौजूद रहेंगे।समझा जाता है कि बैठक में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कड़े क़दम उठाने की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
ग़ौरतलब है कि श्रीनगर से 100 किलोमीटर दूर जम्मू कश्मीर के उरी में सेना के ब्रिगेड के हेडक्वार्टर पर हुए आतंकवादी हमले में 17 जवान शहीद हो गए हैं और 25 अन्य घायल हुए हैं जिनमे से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। ये कश्मीर में पिछले 26 साल बाद आर्मी बेस पर सबसे बड़ा आतंकी हमला है। जवाबी कार्रवाई में चारों आतंकी भी मारे गए है।
इस हमले के बाद अब भारतीय सेना एलओसी पर पाकिस्तान को कड़ा जवाब देना चाहती है और वहां (LOC) तोपों की तैनाती की भी मांग कर सकती है। सेना का मानना है कि सरकार को पाकिस्तानी सीमा के भीतर सीमित लेकिन कड़े हमले करने की अनुमति देनी चाहिए।
हालंकि सरकार पाकिस्तान के भीतर हमले पर विचार नहीं करेगी लेकिन एलओसी पार किए बिना सेना को करारा जवाब देने की अनुमति दे सकती है। सूत्रों के अनुसार भारतीय सेना पाक-हथियार भंडारों को निशाना बना सकती है और पाकिस्तान सीमा चौकियों पर भारी गोलाबारी कर सकती है। पहले भी पाकिस्तान को उसके दुस्साहस का इस तरह से जवाब दिया जा चुका है।
सूत्रों के मुताबिक एलओसी पर तैनात आर्मी बटालियनों और पश्चिमी फ्रंट पर एयर फ़ोर्स के एयरबेस को फुल एलर्ट पर रखा जाएगा ताकि किसी भी आकस्मिक कार्रवाई का फ़ौरन कड़ा जवाब दिया जा सके।
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