लखनऊ: उत्तर प्रदेश में चार और मौत के साथ बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढकर 108 हो गयी है। राहत आयुक्त के कार्यालय ने कल तक की रिपोर्ट के हवाले से आज बताया कि बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढकर 108 हो गयी है। कुल 24 जिलों में 3101 गांवों की 28 लाख से अधिक आबादी बाढ से प्रभावित है। कार्यालय के मुताबिक पूर्वी उार प्रदेश के अधिकांश जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत शिविरों में तीन लाख के करीब लोगों ने शरण ले रखी है।
खबरों के अनुसार बाढ प्रभावित जिलों में सेना के हेलीकाप्टर, एनडीआरएफ और पीएसी बाढ के जवान चौबीसों घंटे राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल की नदियों से जल छोडे़ जाने और लगातार बारिश ने हालात और खराब कर दिये हैं। इससे राहत और बचाव कार्यों पर असर पड़ रहा है। एनडीआरएफ की 28 कंपनियां, पीएसी बाढ़ की 30 कंपनियां, भारतीय वायुसेना के दो हेलीकाप्टर और सेना के कई दल बचाव कार्य कर रहे हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।
केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट में कहा गया कि शारदा नदी पलियाकलां में खतरे के निशान को पार कर गयी है। शारदानगर में यह खतरे के निशान के करीब है जबकि बलिया के तुरतीपार में घाघरा नदी खतरे के निशान के उपर बह रही है।आयोग ने बताया कि गोरखपुर के बर्डघाट में राप्ती नदी खतरे के निशान को पार कर गयी है।
Latest India News