गुड़गांव: न्यायामूर्ति एनएन ढींगरा जांच आयोग ने बुधवार को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जांच में शामिल होने के लिए समन जारी किया। आयोग की स्थापना 2015 में सैकड़ों निजी कंपनियों को भूमि का वाणिज्य लाइसेंस प्रदान करने की तफ्तीश करने के लिए की गई थी। इन कंपनियों में स्काइलाइट हॉस्पीटेलिटी और डीएलएफ भी शामिल है।
आयोग ने हुड्डा से 23 मार्च तक इसके समक्ष पेश होने के लिए और अपना बयान रिकॉर्ड कराने के लिए कहा है जो स्काइलाइट हॉस्पीटेलिटी और तीन अन्य कंपनियों को भूमि आवंटन से संबंधित है। स्काइलाइट हॉस्पीटेलिटी के प्रमोटर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा हैं।
क्या है पूरा मामला
हरियाणा के एक अफसर अशोक खेमका ने लैंड कंसोलिडेशन डिपार्टमेंट का चार्ज छोड़ते वक्त रॉबर्ट और भारत की एक अग्रणी रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ के बीच गुड़गांव जिले में हुई ज़मीन सौदे की म्यूटेशन को रद्द कर दिया। अपनी रिपोर्ट में खेमका ने कहा कि यदि सही तरीके से जांच हो तो हरियाणा की काँग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान 20 हजार करोड़ से 350 हजार करोड़ तक का जमीनों का घोटाला निकल कर सामने आ सकता है।
वहीं 2014 चुनावों के दौरान अमेरिका के अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपी खबर के अनुसार, वाड्रा ने 2007 में एक लाख रुपये के साथ अपने व्यापार की शुरुआत की, लेकिन 2012 में उनकी संपत्ति 300 करोड़ से भी अधिक की हो गई। अर्थव्यवस्था में छाई मंदी के समय में एसी वृद्धि आश्चर्यजनक है।
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