राजे का धार्मिक जीवन-
वसुंधरा की राजमाता का गुरु स्थान पीतांबरा पीठ था। वसुंधरा राजे ने भी वहीं दीक्षा ली। राजमाता की ही तरह वसुंधरा भी धार्मिक रही थीं। उन्होंने ऐसा कोई तीर्थस्थान नहीं छोड़ा वह न गयी हो। उन्होंने 12 ज्योतिर्लिंगों ,चारों धामों और भारत के 52 शक्तिपीठों में से 40 के दर्शन किये है। उन्होंने नासिक और इलाहाबाद के कुम्भ भी स्नान किये।
लोग अक्सर यह सब बुढ़ापे में करते हैं। लेकिन उन्होंने कम उम्र में यह सारे काम किए। वे घंटो तक जप-तप करती हैं। यह सब उन्हें राजमाता से विरासत में मिला है। केंद्र में मंत्री रहते भी उन्होंने नौ -नौ घंटे तक पूजा साधना की है। राजे में धर्म के प्रति बहुत लगन है। आज भी वह अपनी राजमाता की ही तरह घर में घंटों तक पूजा अर्चना हवन, यज्ञ करती हैं। जयपुर में शनिवार को वह अपने बजन के बराबर दान देती हैं।
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