नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के साथ धार्मिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध अमृतसर और अजमेर उन नए स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल हैं जिनकी घोषणा आज शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने की।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सरकार साल 2022 तक देश में 100 स्मार्ट शहरों का विकास करना चाहती है जिनमें से अब तक 60 का चयन कर लिया गया है। इससे पहल जनवरी में 20 स्मार्ट शहरों और मई में 13 स्मार्ट शहरों का चयन किया गया। शेष स्मार्ट शहरों का चयन 2018 तक कर लिया जाएगा।
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इस मिशन के तहत चयनित शहरों को निर्बाध बिजली और पेयजल आपूर्ति के साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी, ई-गवर्नेस और गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचना प्रदान करना शामिल है। नायडू ने संवाददाताओं से कहा कि जिस तरह प्रतिस्पर्धा के पहले दौर में भाग लेने वाले शहरों ने जो उत्साह और उत्कंठा दिखाई है, वह इस बात का सबूत है कि शहरी पुनरुत्थान सही दिशा में अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा आधारित चयन ने शहरों को अपना मूल्यांकन करने का अवसर दिया। उन्हें यह अवसर मिला कि अपने मौजूदा बुनियादी ढांचे का समेकित मूल्यांकन कर सकें और अपने विकास की गतिविधियां शुरू कर सकें। उन्हें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि यह योजना सही दिशा में और निर्धारित कार्यक्रम से आगे चल रही है।
मंत्री ने कहा कि इन 27 शहरों ने 66,883 करोड़ रूपये के कुल निवेश का प्रस्ताव किया है। स्मार्ट सिटी मिशन का क्रियान्वयन 27 से अधिक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों तक फैला है और अब तक चुने गए 60 शहरों द्वारा 1,44,742 करोड़ रुपये का स्मार्ट सिटी निवेश प्रस्तावित है।
नायडू द्वारा घोषित 27 नए स्मार्ट शहरों की सूची में स्वर्ण मंदिर के शहर अमृतसर को पहला स्थान मिला है। स्मार्ट शहरों की तीसरी सूची में जिन तीर्थ और पर्यटन संबंधी 8 शहरों को स्थान मिला है, उनमें वाराणसी, उज्जैन, अजमेर, तिरुपति, आगरा, नासिक, मदुरै और तंजावुर शामिल हैं। इसके साथ ही स्मार्ट सिटी योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले शहरों की संख्या 60 हो गई है।
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