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अगर स्मृति ईरानी रुकतीं तो पापा बच जाते: मृतक की बेटी

नई दिल्ली: शनिवार रात यमुना एक्सप्रेस वे हादसे के बाद मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी पर लग रहे आरोपों को लेकर शिक्षा मंत्रालय की सफाई आई है। मंत्रालय की तरफ से कहा गया है

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नई दिल्ली: शनिवार रात यमुना एक्सप्रेस वे हादसे के बाद मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी पर लग रहे आरोपों को लेकर शिक्षा मंत्रालय की सफाई आई है। मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि मंत्री के कहने पर ही मौके पर एंबुलेस आई है। मंत्रालय का कहना है कि हादसा किसी दूसरी कार की वजह से हुआ था इसमें मंत्री के काफिले का कोई लेना-देना नहीं है।

आपको बता दें शनिवार को हुए इस हादसे में एचआरडी मिनिस्टर के काफिले के आगे चल रही होंडा सिटी कार की टक्कर के बाद आगरा के डॉक्टर रमेश नागर की मौत हो गई थी। विक्टिम फैमिली ने स्मृति पर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। हादसे में मारे गए डॉक्टर रमेश की बेटी ने आरोप लगाया कि स्मृति ईरानी रूककर मदद करती तो शायद उनके पापा की जान बच सकती थी।

घायल संदिली नागर ने कहा, ‘उन्होंने हाथ जोड़कर स्मृति ईरानी से मदद मांगी लेकिन वो उनके पापा को तड़पते हुए छोड़कर चली गईं। अगर उनके पापा को टाइम रहते हॉस्पिटल पहुंचाया गया होता तो उनकी जान बच जाती।’ इस एक्सीडेंट में मरने वाले डॉक्टर रमेश के बेटे की तरफ से मथुरा के मांट थाने में एक एफआईआर दर्ज कराई गई है जिसमें स्मृति ईरानी पर मदद ना करने का आरोप लगाया गया।

क्या है पूरा मामला?

एक्सप्रेसवे पर शनिवार की रात स्मृति ईरानी के काफिले का शनिवार रात एक्सीडेंट हो गया। काफिले की कार के आगे चल रही दूसरी होंडा सिटी कार ने बाइक को मारी टक्कर हादसे में बाइक सवार डॉक्टर रमेश नागर की मौत हो गई और उनकी बेटी और भतीजा घायल हो गए। डॉ. नागर बाइक से दोनों बच्चों के साथ शादी में जाने के लिए निकले थे। पीड़ित परिवार ने स्मृति पर घायलों को नजर अंदाज करने का आरोप लगाया।

हादसे पर शिक्षा मंत्रालय की सफाई

शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि यमुना एक्सप्रेस-वे पर बाइक को टक्कर DL 3C BA 5315 नंबर की होंडा सिटी कार ने मारी थी। इस हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई थी। इस हादसे से मानव संसाधन विकास मंत्री के काफिले का कोई लेना-देना नहीं है, जैसा कि कई मीडिया संस्थान कह रहे हैं। हकीकत ये है कि मंत्री ने मथुरा के एसएसपी को फोन कर घायलों के लिए फौरन एंबुलेंस का इंतजाम करने को कहा था, जिससे घायलों को जल्द से जल्द इलाज मुहैया कराया जा सके।

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