नयी दिल्ली: दिल्ली सरकार के आदेश पर जेएनयू के विवादास्पद कार्यक्रम के वीडियो क्लिपिंग के सेट की फारेसिंक जांच से पता चला है कि दो वीडियो में जोड़ तोड़ हुयी और इस क्लिप्स में जो व्यक्ति मौजूद नहीं थे उनकी आवाज जोड़ी गयी थी।
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली सरकार द्वारा हैदराबाद स्थित ट्रूथ लैब को भेजे गए सात वीडियो में से दो में जोड़ तोड़ पाया गया जबकि बाकी वास्तविक है। उन्होंने कहा, हेरफेर किये गए क्लिप्स में वीडियो को संपादित किया गया और आवाजों को जोड़ दिया गया। पूरक के साथ मुख्य रिपोर्ट दिल्ली सरकार को सौंपी गयी है। यह पूछे जाने पर कि क्या जिन आवाजों को जोड़ा गया वे व्यक्ति छेडछाड़ किये क्लिप्स में नजर नहीं आए, उन्होंने कहा बेशक।
अरविंद केजरीवाल नेतृत्व वाली सरकार ने जेएनयू कैंपस में नौ फरवरी को कथित देशविरोधी नारेबाजी की घटना की तफ्तीश के लिए 13 फरवरी को मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिये थे। इससे पहले कथित तौर पर बाहरी लोगों द्वारा भारत विरोधी नारेबाजी करने का एक वीडियो सामने आने के बाद मामला और उलझ गया था। देशद्रोह के आरोपों में गिरफ्तार किए गए जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और दो अन्य छात्रों की रिहाई की मांग लेकर छात्र अपने आंदोलन को तेज करते हुए आज संसद भवन तक मार्च करेंगे।
Latest India News