नई दिल्ली: शराब व्यापारी विजय माल्या ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह बैंकों को 6,868 करोड़ रुपये लौटाने को तैयार हैं। इससे पहले माल्या ने 4,400 करोड़ रुपये लोन चुकाने को लेकर समर्थता जाहिर की थी। माल्या पर भारतीय बैंकों का कुल 9000 करोड़ रुपये लोन बकाया है। हालांकि माल्या भारत वापस लौटने के सवाल पर चुप्पी साधे रहे।
उन्होंने अपनी नई पेशकश के बारे में बताया कि वह किंगफिशर एयरलाइन्स को फिर से शुरू करने के लिए फिलहाल इससे ज्यादा कीमत नहीं चुका सकते। उन्होंने यह भी बताया कि पेट्रोल की बढ़ती कीमत, अतिरिक्त कर और खराब इंजनों की वजह से उनकी विमानन कंपनी को 6,107 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। माल्या की नई पेशकश 'ओवरऑल सेटलमेंट' के तहत आया है जिसके बाद उन्हें कोई पैसा नहीं देना होगा। अब यह देखना होगा कि क्या बैंक माल्या की इस पेशकश को मानने को तैयार हैं या नहीं।
गौरतलब है कि बैंकों का पैसा लेकर विदेश जा चुके विजय माल्या के खिलाफ सीबीआई, ईडी और कई अन्य एजेंसियों ने मोर्चा खोल रखा है और उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी भी कर रही हैं। इतना ही नहीं ईडी के अनुरोध पर विदेश मंत्रालय ने पहले ही माल्या के पासपोर्ट को रद्द कर दिया है।
माल्या ने सुप्रीम कोर्ट में दिए एफिडेविट में कहा कि वह, उनकी पत्नी और बच्चे एनआरआई हैं। उनकी पत्नी और तीनों बच्चे 1996 से ही कैलिफोर्निया में रह रहे हैं। उनके एनआरआई होने की वजह से उनसे विदेश में मौजूद संपत्ति की जानकारी नहीं मांगी जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए लोन का इस्तेमाल विदेशों में संपत्ति खरीदने के लिए नहीं किया गया।
Latest India News