नई दिल्ली: करीब 9,400 करोड़ रूपए के कर्ज में डूबी किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से बार-बार भेजे गए समन को धता बता रहे उद्योगपति विजय माल्या को आज उस वक्त करारा झटका लगा जब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने चार हफ्तों के लिए उनका पासपोर्ट निलंबित कर दिया। सरकार ने 60 साल के माल्या का पासपोर्ट रद्द कर देने की धमकी दी थी।
इसी से संबंधित एक घटनाक्रम में प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई में प्रीवेंशन ऑफ मनी लाउंडरिंग अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत से माल्या के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी करने का आग्रह किया। सूत्रों के मुताबिक, ईडी के अनुरोध को अदालत में शनिवार के लिए सुनवाई के लिए लाया जा सकता है। पासपोर्ट निलंबित होने से माल्या का विदेश में रहना कठिन हो जाएगा। माल्या अभी एक महीने से कुछ अधिक समय से ब्रिटेन में हैं। वह 2 मार्च को देश से बाहर गए थे।
पिछले करीब एक महीने से भी ज्यादा समय से ब्रिटेन में रह रहे और ईडी के सामने पेश होने से इनकार कर चुके माल्या का राजनयिक पासपोर्ट ईडी की सिफारिश पर विदेश मंत्रालय ने निलंबित किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया, ‘विदेश मंत्रालय में पासपोर्ट जारी करने वाले अधिकारियों ने आज ईडी की सलाह पर विजय माल्या के राजनयिक पासपोर्ट की वैधता चार हफ्तों के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है। पासपोर्ट कानून, 1967 की धारा 10-ए के तहत यह कार्रवाई की गई है।’
प्रवक्ता ने बताया कि माल्या को एक हफ्ते के भीतर जवाब देने को कहा गया है कि पासपोर्ट कानून, 1967 की धारा 10 (3) (सी) के तहत उनका पासपोर्ट क्यों न जब्त कर लिया जाए या क्यों न रद्द कर दिया जाए। यदि वह इस समयसीमा के भीतर जवाब नहीं देते हैं तो यह मान लिया जाएगा कि उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है और फिर विदेश मंत्रालय रद्द करने की कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ेगा।
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