हाजीपुर: बिहार के हाजीपुर में अतिक्रमण हटाने के तहत धार्मिक स्थल तोड़ने गई पुलिस को लोगों का विरोध झेलना पड़ा। मंगलवार को अतिक्रमण हटाने गई पुलिस की लोगों से झड़प हो गई। कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव भी किया। पुलिस ने भी भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए लाठीचार्ज और पानी की बौछारें की। अतिक्रमण हटाने का विरोध कर रहे लोग सड़कों पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उग्र भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारें छोड़ी। इसके बाद स्थिति और विस्फोटक हो गई। पुलिस की कार्रवाई से नाराज भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। ग्रामीणों के पथराव में कम से कम सात पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के वाहन को आक्रोशित लोगों ने फूंक दिया।
राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर मंगलवार की रात वैशाली पुलिस और जिला प्रशासन नगर थाना क्षेत्र के बगमली में स्थित वासुदेव मंदिर को तोड़ने पहुंची। इसी दौरान भीड़ उग्र हो गई और उसने पथराव शुरू कर दिया। वैशाली के पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बुधवार को बताया कि घटना के बाद इलाके में तनाव फैला है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोग मंदिर के आसपास ही एकत्र हैं, ताकि पुलिस अचानक से उसे तोड़ने की कार्रवाई न कर सके। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा है कि पुलिस और जिला प्रशासन न्यायालय के आदेश का पालन करने वहां पहुंची है। लोगों को कानून को अपना काम करने देना चाहिए। उल्लेखनीय है कि पटना उच्च न्यायालय ने अतिक्रमण हटाने के तहत वासुदेव मंदिर को तोड़ने का आदेश दिया था, लेकिन उसका पालन नहीं हो पाया, जिसके कारण वैशाली की जिलाधिकारी रचना पाटिल को न्यायालय से फटकार मिली थी। इसके बाद पुलिस पिछले सप्ताह भी मंदिर तोड़ने पहुंची, लेकिन इसमें कामयाब नहीं हो पाई।
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