श्रीनगर: कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में 6 अतिरिक्त लोगों की मौत के साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है, वहीं 200 से अधिक लोग घायल हो गये हैं। घाटी में कफ्र्यू जैसी पाबंदी लागू है और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित बनी हुई हैं। राज्य सरकार ने रविवार को शांति बहाली की अपील की।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, अनंतनाग जिले के संगम में एक उग्र भीड़ ने पुलिस के एक बुलेट प्रूफ वाहन को पलट दिया और उसे सतलुज नदी में धकेल दिया। इसमें चालक डूब गया, जबकि वाहन में सवार अन्य पुलिसकर्मी घटनास्थल से फरार हो गए।
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सूत्रों के मुताबिक, बड़ी संख्या में सरकार विरोधी और आजादी सर्मथक नारे लगा रहे लोगों की भीड़ उमड़ने के बाद सुरक्षाबलों ने पुलवामा जिले के लिटर में गोलीबारी की, जिसमें दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलवामा जिले में रविवार को उग्र भीड़ द्वारा कर्फ्यू तोड़कर सुरक्षाबलों पर हमला किए जाने के बाद सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई गोलीबारी में इरफान अहमद मलिक (17) की भी मौत हो गई। घाटी में सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में मृतकों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है, जिसमें 18 प्रदर्शनकारी और एक पुलिसकर्मी शामिल हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि घाटी में हुई झड़पों में तीन पुलिसकर्मी लापता हैं और लगभग 100 सुरक्षाकर्मी घायल हैं।
गौरतलब है कि सुरक्षाबलों द्वारा शुक्रवार को एक मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी और उसके दो सहयोगियों को मार गिराए जाने के बाद घाटी में रोष व्याप्त है। वानी के जनाजे में हजारों की संख्या में लोग उमड़े।
वानी की मौत के बाद अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम और शोपियां में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए। वानी पुलवामा का ही रहने वाला था। कई स्थानों पर उग्र भीड़ ने सुरक्षाबलों पर हमले किए।
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