श्रीनगर: श्रीनगर में जुम्मे की नमाज के बाद वरिष्ठ अलगाववादी नेता यासीन मलिक की गिरफ्तारी के साथ ही शुक्रवार को शहर के कुछ हिस्सों में हिंसा भड़क उठी। विरोध प्रदर्शन व्यापारिक केंद्र लाल चौक से सटे मैसुमा और गाकाडाल इलाके में हुआ।
प्रदर्शनकारी, ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) को खत्म करने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारी जैसे ही मध्य शहर के पास पहुंचे, वहां बड़ी संख्या में मौजूद सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक लिया और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष यासीन मलिक को गिरफ्तार कर लिया। वह पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जुलूस का नेतृत्व कर रहे थे।
अलगाववादी नेता की गिरफ्तारी के तुरंत बाद गुस्साए प्रदर्शनकारी सुरक्षा बल के जवानों से भिड़ गए और उन पर पथराव किया। पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों ने पथराव कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। हालांकि, प्रदर्शनकारी जमे रहे और इलाके में संघर्ष जारी रहा।
यासीन मलिक ने अपनी गिरफ्तारी से पहले कहा, "ग्राम रक्षा समितियां राज्य प्रायोजित आतंकवाद के औजार हैं, जिसने आतंकवाद फैलाया है। इसे जल्द से जल्द भंग कर दिया जाना चाहिए।"
गौरतलब है कि ग्राम रक्षा समिति के एक सदस्य ने कथित तौर पर रविवार शाम जम्मू प्रांत के राजौरी जिले में नेशनल कांफ्रेंस के नेता की हत्या कर दी और इसी जिले में दूसरे सदस्य ने गुरुवार को एक महिला को मौत की घाट उतार दिया, जिसके बाद विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस और अलगाववादी नेताओं ने ग्राम रक्षा समितियों को खत्म करने की मांग की।
अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने ग्राम रक्षा समितियों के खिलाफ जम्मू एवं कश्मीर में शनिवार को बंद रखने का आह्वान कर रखा है।
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