नई दिल्ली: आइने का सामना अच्छा नहीं है बार बार, एक दिन अपनी ही आंखों में खटक सकता हूं मैं। नोमान शौक़ साहब का यह शेर आपके जहन में पूरी तरह उतार देने के लिए अगली स्लाइड में दिखाया गया वीडियो काफी है। समाज की बुराइयों पर तंज कसता यह वीडियो आपकी सोच बदलने का माद्दा रखता है या कह लीजिए कम से कम आपको सोचने पर तो मजबूर कर ही सकता है। कहते हैं दुनिया में सिर्फ आइना एक ऐसी चीज है जो हमेशा सच बोलता है। जो देखता है वहीं दिखाता है। ऐसे में जब कोई इंसान अपनी शख्सियत अपना डरावना पहलू आइने में देखता है तो चोट जमीर को पहुंचती है। Whistling Woods International Institute For Films, Media, Animation And Media Arts (Organization) की ओर से यह वीडियो youtube पर साझा किया गया है। क्या है वीडियो में- वीडियो दिखाता है कि कैसे एक इंसान की आंखें समाज में बुराई का पर्याय बन जाती हैं। कैसे बुराई जंगल में आग की तरह फैलती है और फिर अचानक जब समाज में से ही कोई हमे आइना दिखा देता है तो हम अचानक असहज हो जाते हैं। अगली स्लाइड में देखिए वीडियो-