नई दिल्ली: सूखे की मार झेल रहे भारत के कई राज्यों में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात, आंध्रप्रदेश और तेलांगना जैसे राज्य सूखे की चपेट में हैं और यहां प्यास बुझाने वाले पानी पर जंग हो रही है। मराठवाड़ा के लातूर में तो पानी पर धारा 144 लागू कर दी गई है। आपको जानकर हैरानी होगी कि मध्यप्रदेश में पीने के पानी के लिए छोटे छोटे बच्चे अपनी जान जोखिम में जाने से भी नहीं कतरा रहे हैं।
पानी की किल्लत इन राज्यों में कृषि, उद्योग धंधे और सेवाओं को तो ठप्प कर ही रही है साथ ही यहां के लोग पलायन को भी मजबूर हैं। वो राज्य के उन हिस्सों का रूख कर रहे हैं जहां पीने का पानी मयस्सर है। मध्यप्रदेश में पीने के पानी का जुगाड़ करते बच्चों की जो तस्वीरें सामने आईं हैं वो आपको हैरान कर सकती हैं। पानी के संकट के हालात कुछ ऐसे हैं कि लगभग सूख चुके कुंएं में भी बचे खुचे पानी को लेने के लिए बच्चे बिना सहारे के कुंएं में नीचे उतर रहे हैं ताकि अपनी और अपने घर वालों की प्यास बुझाई जा सके।
महाराष्ट्र में हालात और भी खराब:
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में परभनी, लातूर और ओस्मानाबाद में बीते दो सालों से औसत से 50 फीसदी कम बारिश हुई है। यह 1972 के सूखे से भी बदतर हालात हैं। इनमें से लातूर सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले इलाकों में से एक है। मराठवाड़ा मे पानी की आपूर्ति करने वाले मंजूरा बांध और धनगांव नदी सूख चुकी है। हालात कितने बदतर है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट के आयोजकों पर महाराष्ट्र से अपना मैच हटाने तक का भारी दबाव है।
Latest India News