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Hindi News भारत राष्ट्रीय मालेगांव ब्लास्ट के आरोपी रिटायर्ड मेजर का बड़ा आरोप, 'ATS ने हमारे साथ किया 'चाइनीज' टॉर्चर'

मालेगांव ब्लास्ट के आरोपी रिटायर्ड मेजर का बड़ा आरोप, 'ATS ने हमारे साथ किया 'चाइनीज' टॉर्चर'

'हिरासत में मुझे और सभी सह आरोपियों को पुलिस ने टॉर्चर किया। हमें क्रूर यातनाएं दी गईं। हमें उल्टा लटकाकर 'चाइनिज टॉर्चर' किया गया।

Ramesh Upadhyay- India TV Hindi Ramesh Upadhyay

नई दिल्ली: बॉम्बे हाईकोर्ट से चार दिन पहले जमानत पर बाहर आए सेना के रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय ने पहली बार यह खुलासा किया है कि 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में किस तरह हिरासत के दौरान उन्हें और साध्वी प्रज्ञा समेत अन्य सह आरोपियों को एटीएस के अधिकारियों द्वारा बेहरम यातनाएं दी गईं। मुंबई में इंडिया टीवी के रिपोर्टर अश्विन पांडे को दिए एक इंटरव्यू में सेना से रिटायर्ड मेजर ने कहा, 'हिरासत में मुझे और सभी सह आरोपियों को पुलिस ने टॉर्चर किया। हमें क्रूर यातनाएं दी गईं। हमें उल्टा लटकाकर 'चाइनिज टॉर्चर' किया गया।

हमें उल्टा लटका कर पीटा जाता था
जब उनसे पूछा गया कि चाइनीज टॉर्चर का अर्थ क्या होता है, रिटार्यड मेजर ने कहा, 'हमें उल्टा लटका दिया जाता था और हमारे ऊपर बूंद-बूंद पानी गिराया जाता था। कान, उंगलियों, प्राइवेट पार्ट्स और नाक में बिजली के झटके दिये जाते थे। हमारे प्राइवेट पार्ट्स पर वो तेल डाले जाते थे जिससे तेज जलन होती थी।'  उन्होंने कहा, 'एक सह-आरोपी की टांगें टूट गई थी। साध्वी प्रज्ञा को हमारी मौजूदगी में पॉर्नोग्राफिक ऑडियो सुनाया गया था। पुलिस द्वारा मुझे करीब रोजाना यह धमकी दी जाती थी कि मेरी बेटी को वे लाएंगे और मेरी आंखों के सामने रेप करेंगे। मुझे ऐसी भी धमकी दी जाती थी कि मेरी पत्नी को नंगा कर परेड कराएंगे। 

इस यातना को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता
उन्होंने कहा, 'वे लोग हम सभी को तबतक पीटा करते थे जबतक कि हम बेहोश नहीं जाते थे। इसके बाद वे लोग हमारे चेहरे पर पानी डालते थे और फिर पिटाई शुरू कर देते थे। जब हमारे अंग सूज जाते थे तब वे गर्म पानी डालते थे। हमने अपने बगल के कमरे में साध्वी के चीखने की आवाज सुनी थी। इस तरह की यातना को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।'रिटायर्ड मेजर ने कहा, 'यह हमारे लिए विश्वास कर पाना कठिन था कि हमारी अपनी पुलिस हमारे साथ ऐसा कर रही है। हमने कभी इस तरह की कल्पना भी नहीं की थी।' रिटायर्ट मेजर उपाध्याय ने कहा, 'इनमें से कुछ अधिकारी अब आईजी और पुलिस कमिश्नर की रैंक पर हैं।' उन्होंने इन लोगों का नाम नहीं लिया लेकिन कहा कि उनके नाम कोर्ट में दिए गए हैं। 

दबाव में काम कर रहे थे तत्कालीन एटीएस चीफ करकरे
उन्होंने कहा, 'मैं मानता हूं कि तत्कालीन महाराष्ट्र एटीएस चीफ हेमंत करकरे काफी दबाव में काम कर रहे थे क्योंकि कई ब्लास्ट हुए थे और वे अपने सीनियर्स को दिखाना चाहते थे कि उन्होंने लोगों को गिरफ्तार किया है। मैं राजनेताओं का नाम नहीं लूंगा लेकिन उनकी सहमति के बिना कुछ भी नहीं हो सकता।' 'और जो भी (हेमंत)करकरे साहब ने हम लोगों के साथ किया, भगवान उन्हें इसकी सजा दे चुका है। दुनिया में पहली बार किसी एंटी टेरर यूनिट का प्रमुख आतंकवादी के हाथों मारा गया। यह उनके हिस्से की एक बड़ी असफलता थी। यह एक विरोधाभास है कि उन्हें उनकी अक्षमता के लिए मरणोपरांत कीर्ति चक्र दिया गया।' 26/11 मुंबई हमले के दौरान पाकिस्तान आतंकवादियों ने महाराष्ट्र के तत्कालीन एटीएस चीफ हेमंत करकरे की गोली माकरकर हत्या कर दी थी।

अभिनव भारत संगठन के प्रमुख हैं रमेश उपाध्याय
रिटायर्ड मेजर अभिनव भारत संगठन के प्रमुख हैं जो कि एक हिंदूवादी संगठन है। इस संगठन की शुरुआत 105 साल पहले वीर सावरकर ने की थी। 2008 के मालेगांव ब्लास्ट में 7 लोगों की मौत के बाद 'भगवा आतंक' के आरोप में इस संगठन के लोगों को घेरा गया और एटीएस द्वारा इनके खिलाफ साजिश का केस दर्ज किया गया। मौजूदा समय में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) इस केस को देख रही है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने दो सह आरोपियों साध्वी प्रज्ञा और ले. कर्नल एसपी पुरोहित को जमानत दे दी है। रिटायर्ड मेजर ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सभी सह-आरोपी इस केस में बरी हो जाएंगी क्योंकि विस्फोट की साजिश का केस आधारहीन है। 

मेजर रमेश उपाध्याय का इंटरव्यू आज रात 9 बजे इंडिया टीवी पर प्रसारित किया जाएगा।

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