तिरुवनंतपुरम: केरल की खराब वित्तीय स्थिति को देखते हुए नई सरकार को राज्य की वित्तीय स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। यह बात सोमवार को एक अर्थशास्त्री ने कही। वरिष्ठ अर्थशास्त्री एम.ए. ओमन ने कहा कि स्थिति ऐसी हो गई है कि केरल की प्रति व्यक्ति खपत देश में सर्वाधिक दर्ज की गई है।
ओमन ने कहा, "केरल की कर आय नहीं बढ़ी है, इसलिए कुछ नहीं किया जा सकता है। नई सरकार को एक श्वेत पत्र तैयार करना होगा और उसके बाद उसे लोगों को विश्वास में लेना होगा। खर्च को घटाना जरूरी है।"
केरल पर 1,41,500 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 28.5 फीसदी से अधिक है। नई सरकार को पूंजीगत और विकास खर्च के लिए पैसे की कमी पड़ जाएगी, क्योंकि सिर्फ वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान से ही राज्य की मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 84,000 करोड़ रुपए की बजट आय का दो-तिहाई हिस्सा खप जाएगा।
ओमन ने कहा, "खर्च घटाने के लिए नई सरकार को महंगी कार खरीदना बंद करना चाहिए। सरकारी अधिकारियों को पूर्ण सक्षमता से काम करना चाहिए और सभी क्षेत्रों से सभी बकायों की वसूली करनी चाहिए।"
पूर्व वित्त मंत्री थॉमस आईजैक ने कहा कि सरकार के सामने वित्त की काफी कमी है। उन्होंने कहा, "राज्य की वित्तीय स्थिति कैसी है यह जानने के लिए एक श्वेत पत्र तैयार करना जरूरी है।"
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