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उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पहाड़ों से भी ज्यादा ठंड

शिमला: उत्तर भारत के कई मैदानी शहरों में सोमवार को पहाड़ी पर्यटन स्थलों से भी ज्यादा सर्दी देखी गई। लुधियाना, पटियाला और हिसार का तापमान शिमला, धर्मशाला और डलहौजी से कम देखा गया। मौसम विभाग

Winter is more sever in plains of northern India- India TV Hindi
Winter is more sever in plains of northern India

शिमला: उत्तर भारत के कई मैदानी शहरों में सोमवार को पहाड़ी पर्यटन स्थलों से भी ज्यादा सर्दी देखी गई। लुधियाना, पटियाला और हिसार का तापमान शिमला, धर्मशाला और डलहौजी से कम देखा गया। मौसम विभाग ने बताया कि पंजाब और लुधियाना इस क्षेत्र के सबसे ज्यादा ठंडे इलाके रहे जहां का न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जबकि पटियाला और अमृतसर का तापमान क्रमश: 5.4 और 6.4 डिग्री रिकार्ड किया गया।

चंडीगढ़ में 6.8 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया तो अंबाला का तापमान 7.5 डिग्री रहा। करनाल और हिसार का तापमान क्रमश: 5 और 4.5 डिग्री रहा। इस पूरे क्षेत्र में जबरदस्त सर्दी का मौसम देखा जा रहा है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी स्थलों में पिछले कुछ दिनों से काफी धूप देखी जा रही है जिसके कारण इन इलाकों के तापमान में वृद्धि देखी जा रही है।

शिमला मौसम विभाग के अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया कि रविवार को इस पहाड़ी राज्य के अधिकतम तापमान में 2 डिग्री की वृद्धि देखी गई। उन्होंने कहा कि तापमान में यह वृद्धि असामान्य है जो कि इस मौसम के औसत से 3-4 डिग्री ज्यादा है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों कसौली, छैल, कुफरी, नारकंडा और पालमपुर में भी अगले कुछ दिनों तक धूप खिली रहने की संभावना है।

दिल्ली से आई पर्यटक नेहा ने बताया, "शिमला में दिन का मौसम बेहद खुशगवार है।" वहीं, उसके पति मुदित कहते हैं, "यहां तक कि रात का मौसम भी काफी आनंददायक है।" वहीं, दिल्ली का न्यूनतम तापमान सोमवार की सुबह 8.5 डिग्री था जो कि शिमला से 2 डिग्री अधिक है। शिमला मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिह ने आईएएनएस को बताया कि इन दिनों शिमला में रात का तापमान मैदानी इलाकों से ज्यादा है।

वे बताते हैं, "यह एक सामान्य घटना है। ऐसा धरती से निकली गर्मी का पहाड़ियों के ऊपर वायुमंडल के परत में फंसे रह जाने के कारण होता है।" सामान्य तौर पर जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती है हवा का तापमान घटता जाता है। वे बताते हैं कि शिमला का मैदानी इलाकों के नजदीक होने के कारण यहां मैदानी इलाकों की गर्मी का वायुमंडल के परत में फंसे रहने का असर ज्यादा देखा जा रहा है। उनके मुताबिक जब तक पश्चिमी विक्षोभ बना रहेगा तब तक ऐसा ही मौसम देखने को मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र में फिलहाल बरसात होने की कोई संभावना नहीं है।

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