पुरी (ओडिशा): ‘खता मुआफ मैं भूले से आ गया यहां
वर्ना मुझे भी मालूम नहीं ये मेरा जहां।‘
गरीबी क्या होती है जरा उस मां से पूछिए जिसे अपने बच्चे को बेचने पर मजबूर होना पड़ा। लेकिन जो कहानी हम आपको सुनाने जा रहे हैं वो गरीबी का एक नया पक्ष सामने रखती है। दरअसल गरीबी से जूझ रही एक महिला शराब की आदी हो गई और इसी लत ने उसे इतना मजबूर कर दिया कि उसे अपना बच्चा तक बेचना पड़ा।
गरीबी ने शराबी बनाया, 20 रुपए के लिए किया बेटे का सौदा
ओडिशा के पुरी में रहने वाली सुनी दास ने गरीबी से तंग आकर अपना तीन महीने का बच्चा बेच दिया। इस महिला ने बताया, “ मेरे पति की कुछ महीनों पहले मौत हो गई थी और हमें खाली पेट सोना पड़ता था, इस गरीबी ने हमें शराब का लती बना दिया। दुख को भुलाने के लिए हमें शराब के लिए बीस रुपए चाहिए होते थे, इसलिए मुझे अपने बच्चे का सौदा कुछ पैसे के लिए करना पड़ा ।
सुनी दास गंजम जिले में बहरामपुर के पास के गांव लोछपाड़ा में रहती है। सुनी अपने पिता और सौतेली मां के साथ पुरी रेलवे स्टेशन पर एक पेड़ के नीचे रहते हैं। ये लोग प्लास्टिक बैग और बॉटल्स को बीन कर अपनी गुजर-बसर करते हैं। सुनी की डेढ़ साल की एक बच्ची भी है।
3000 रूपए वापस कर बेटे को लेने की बात कर रहा है परिवार
सुनी के परिवार ने बताया कि उन्हें बेटे के एवज में 3000 रुपए मिले। एक स्थानीय एनजीओ चाइल्ड लाइन के संयोजक शक्तिपाडा मिश्रा ने कुंभरपाडा पुलिस थाने में इस मामले पर शिकायत भी दर्ज कराई है। मिश्रा ने बताया कि बच्चे को किसी बिचौलिए के जरिए बेचा गया है। वहीं इस मामले पर सुनी दास और उसके परिवार का कहना है कि वो 3000 रुपए वापस कर अपने बच्चे को ले लेंगे।
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