1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. 'महिलाओं को प्रादेशिक सेना में शामिल होने की अनुमति मिले'

'महिलाओं को प्रादेशिक सेना में शामिल होने की अनुमति मिले'

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर अनुरोध किया गया है कि लाभप्रद तरीके से रोजगार कर रही महिलाओं को भारतीय प्रादेशिक सेना में भर्ती की अनुमति दी जाए। प्रादेशिक सेना

'प्रादेशिक सेना...- India TV Hindi
'प्रादेशिक सेना भर्ती में महिलाओं को भी मिले मौका'

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर अनुरोध किया गया है कि लाभप्रद तरीके से रोजगार कर रही महिलाओं को भारतीय प्रादेशिक सेना में भर्ती की अनुमति दी जाए। प्रादेशिक सेना स्वंयसेवियों का संगठन है जिसे आपात स्थिति में देश की रक्षा के लिए तैयार रहने हेतु सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है। याचिका में कहा गया है कि इस समय सिर्फ लाभप्रद तरीके से नौकरी कर रहे पुरूषों की ही भारतीय प्रादेशिक सेना में भर्ती की जाती है जो नियमित भारतीय सेना के बाद बचाव वाली दूसरी पंक्ति है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह संस्थागत भेदभाव जैसा है। वकील कुश कालरा ने इस याचिका में कहा है कि इस समय भारतीय प्रादेशिक सेना में सिर्फ पुरूषों की ही भर्ती होती है और संस्थागत तरीके से ऐसे भेदभाव की वजह से महिलाओं को प्रादेशिक सेना में सेवा करने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। याचिका के अनुसार लैंगिक आधार पर इस तरह के भेदभाव से महिलाओं के मौलिक आजादी और मानवाधिकारों का हनन होता है। वकील ज्योतिका कालरा के माध्यम से दायर इस याचिका के अनुसार भारतीय सशस्त्र सेना से इतर भारतीय प्रादेशिक सेना पेशेवर या रोजगार का स्रोत नहीं है और यह उन लोगों के लिये हैं जो पहले से ही असैनिक पेशे में हैं। याचिका कहा गया है कि प्रादेशिक सेना में शामिल होने की पहली शर्त ही असैनिक पेश में नौकरी या स्वरोजगार है।

भारतीय प्रादेशिक सेना में अभिनेता मोहनलाल और क्रिकेट खिलाड़ी कपिल देव तथा महेन्द्र सिंह धोनी मानद सदस्य हैं और उनके पास ऊंचे ओहदे हैं। याचिका के अनुसार प्रादेशिक सेना आपात स्थिति में उन स्थानों पर आवश्यक सेवायें बहाल रखने में मदद करती है जहां सामुदायिक जीवन प्रभावित होता है या देश की सुरक्षा को खतरा होता है। प्रादेशिक सेना नियमित सेना के लिए भी अपनी इकाईयां मुहैया कराती है।

Latest India News