श्रीनगर: JKLF के संस्थापक अमानुल्ला खान की कल पाकिस्तान में हुई मौत के चलते जनाजे की गायबाना नमाज से पहले आज जम्मू कश्मीर पुलिस ने पार्टी के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने आज जम्मू एवं कश्मीर के चर्चित लाल चौक और इससे सटे इलाके मैसुमा, कोकरबाजार, कोठीबाग, अबी गुजार, कोर्ट रोड और आसपास के अन्य इलाकों में कफ्र्यू लगा दिया है। यह कदम जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के मरहूम संस्थापक अमानुल्लाह खान की प्रार्थना सभा को देखते हुए उठाया गया है।
अमानुल्लाह (82) का मंगलवार को पाकिस्तान में निधन हो गया। वह अर्से से फेफड़े की बीमारी से जूझ रहे थे। जेकेएलएफ के प्रमुख यासीन मलिक ने प्रार्थना समूह की अगुवाई करने की घोषणा की, जिसके बाद श्रीनगर के लाल चौक व इससे सटे मैसुमा मोहल्ले में पैदल यात्रियों व यातायात की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
इन इलाकों में यातायात, दुकानें, शिक्षण संस्थान व अन्य कारोबारी संस्थान बंद हैं।
कौन थे JKLF संस्थापक अमानुल्लाह खान:
अमानुल्लाह का जन्म 24 अगस्त, 1934 को गिलगित में हुआ था और वह पाकिस्तान में रहते थे। उन्होंने 1977 में जेकेएलएफ की स्थापना की। यह भारत व पाकिस्तान दोनों में कश्मीर की आजादी की वकालत करता है। उन्हें मेरिट लिस्ट (राज्य के मुस्लिम छात्रों में अव्वल) में भी जगह मिली थी। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वो एसपी कॉलेज पहुंचे. बाद में अमानुल्लाह ने अमर सिंह कॉलेज में एडमिशन लिया, लेकिन 1952 में वो वापस पाकिस्तान चले गए.
कराची के एसएम कॉलेज से 1957 में अमानुल्लाह ने लॉ ग्रेजुएट (विधि स्नातक) की परीक्षा पास की। 1965 में अमानुल्लाह खान को जम्मू-कश्मीर जनमत संग्रह मोर्चे का महासचिव चुना गया। 1976 में अमानुल्लाह खान इंग्लैंड चले गए। मई 1977 में इंग्लैंड में ही उन्होंने अलगाववादी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) की स्थापना की। खान के परिवार में अभी उनकी बेटी असमा हैं।
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