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नेशनल गार्ड पर हमले के बाद ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला, 19 देशों के ग्रीन कार्ड धारकों की जांची जाएगी हर फाइल

नेशनल गार्ड पर हुए हमले के बाद ट्रंप प्रशासन ने अफगानिस्तान सहित 19 देशों के सभी ग्रीन कार्ड धारकों की विस्तृत जांच का आदेश दिया है। 12 देशों पर लगभग पूर्ण प्रवेश प्रतिबंध और 7 देशों पर आंशिक प्रतिबंध लागू हैं।

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Image Source : AP अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने गुरुवार को अफगानिस्तान और 18 अन्य देशों के सभी ग्रीन कार्ड धारकों के आव्रजन दर्जे की बड़ी समीक्षा का आदेश जारी किया है। यह फैसला वॉशिंगटन में नेशनल गार्ड सैनिकों पर हुए हमले के बाद आया है, जिसमें एक महिला सैनिक की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार को हुई गोलीबारी में गिरफ्तार संदिग्ध 29 साल का अफगान नागरिक है, जो पहले अफगानिस्तान में अमेरिकी सेनाओं के साथ काम कर चुका था।

'12 देशों पर लगभग पूर्ण प्रवेश प्रतिबंध'

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रहमानुल्लाह लकनवाल नाम के संदिग्ध को इस साल अप्रैल में शरणार्थी का दर्जा दिया गया था, न कि ग्रीन कार्ड। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवाओं (USCIS) के निदेशक ने घोषणा की, 'राष्ट्रपति के निर्देश पर, मैंने हर कंसर्ड देश से आने वाले हर विदेशी के हर ग्रीन कार्ड की पूर्ण पैमाने पर और कठोर जांच का आदेश दिया है।' ट्रंप प्रशासन के इस एक्जीक्यूटिव ऑर्डर के तहत 19 देशों के ग्रीन कार्ड धारकों पर नजर रखी जाएगी। इनमें से 12 देशों पर लगभग पूर्ण प्रवेश प्रतिबंध लगाए गए हैं, जो हैं: अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो-ब्राजाविले, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन।

'7 अन्य देशों पर आंशिक प्रतिबंध'

12 देशों के अलावा 7 अन्य देशों पर आंशिक प्रतिबंध हैं, जो कुछ अस्थायी वर्क वीजा की अनुमति देते हैं। ये देश हैं: बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला। USCIS निदेशक मार्क एडलो ने कहा कि यह नई जांच बहुत विस्तृत होगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला पिछले गुरुवार को नेशनल गार्ड सदस्यों पर हुए हमले के बाद लिया गया है। एडलो ने एक्स पर एक बयान में कहा, 'इस देश और अमेरिकी लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और अमेरिकी लोग पिछली प्रशासन की लापरवाह पुनर्वास नीतियों का खामियाजा नहीं भुगतेंगे। अमेरिका की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा।' इस पुनर्मूल्यांकन से सूचीबद्ध देशों के हजारों स्थायी निवासियों पर असर पड़ेगा।

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