नई दिल्लीः उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के लिए इंसाफ की लड़ाई में धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद अब छोड़ दिया है। कल रात दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट के पास धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता पिता के साथ कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया था। बाद में पुलिस ने अंकिता के माता पिता को छोड़ दिया। कांग्रेस के कुछ नेताओं को पुलिस ने अभी हिरासत में रखा है।
दरअसल, बुधवार अंकिता के माता-पिता इंडिया गेट में धरने पर बैठ गए थे। देखते ही देखते कांग्रेस नेताओं ने इस पर सियासत शुरू कर दी। मोदी सरकार और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई घंटों तक कांग्रेसी नेता नारेबाजी करते रहे। इसके बाद देर रात पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स ने कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और अंकिता के माता पिता को हिरासत में लिया था।
रातभर चला धरना प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, कांग्रेसी नेताओं के साथ अंकिता भंडारी के माता-पिता ने रात भर इंडिया गेट पर धरना प्रदर्शन किया। सुबह करीब चार बजे सभी को हिरासत में ले लिया गया। कांग्रेस ने पुलिस के इस कदम की कड़ी निंदा की। कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी करने और अंकिता के लिए न्याय की मांग करने वालों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। अंकिता के परिजनों ने कहा कि अगर न्याय नहीं मिला, तो मेरी बेटी को न्याय मिलने तक पूरे देश में विरोध प्रदर्शन होंगे।
सितंबर 2022 में हुई थी अंकिता की हत्या
इससे पहले बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस MP प्रियंका गांधी ने धरने के दौरान अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। बता दें कि अंकिता भंडारी उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में काम करती थी। उसकी सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। उसकी लाश उसी साल 24 सितंबर को चिल्ला नहर से मिली थी। रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो कर्मचारियों, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को 30 मई, 2025 को हत्या, सबूत मिटाने और दूसरे अपराधों के लिए उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी।
इनपुट- एएनआई
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